गर्लफ्रेंड की सहेली को घर बुला के चोदा

मेरा नाम करीम है, मैं कानपूर से हूँ, मैं कानपूर में अकेला रहता हूँ और गवर्नमेंट जॉब में हूँ। यह मेरी फर्स्ट सेक्स स्टोरी है। मुझे उम्मीद है कि यह कहानी आपको पसंद आएगी। दोस्तो, यह घटना आज से एक साल पहले की है।

मेरी एक गर्लफ्रेंड थी.. जो कानपूर से 200 किलोमीटर दूर रहती थी। हम बहुत कम मिल पाते थे, मैं उससे हमेशा ही फोन पर बात करता रहता था। उसकी एक फ्रेंड आलिया (बदला हुआ नाम) थी.. जो अक्सर मुझसे बातें किया करती थी। शुरू में तो मैं भी उससे नॉर्मली बातें करता था.. लेकिन धीरे-धीरे हमारे बीच खुल कर बातें होने लगीं।

अब वो मुझे उसके फोन से पर्सनली कॉल करके बातें किया करती थी और मेरी गर्लफ्रेंड ओर मेरे बीच की बातें पूछती थी- आप उसे किस कैसे करते हो.. कहाँ-कहाँ हाथ लगाते हो? उसकी बातों में सवाल कुछ इसी तरह के होते थे। कुछ समय बाद मेरा मेरी गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप हो गया, अब आलिया और मैं रोज बातें करते, हमारी बातें ज़्यादातर सेक्स के बारे में ही होती थीं। आलिया का फिगर 32-30-34 का है वो एकदम मस्त माल दिखती है। कुछ दिन ऐसे ही चला.. फिर मैंने आलिया से मिलने को कहा, तो पहले तो उसने मना किया.. फिर वो मान गई।

उसने अपने घर में झूठ कह दिया कि मैं फ्रेंड्स के साथ कॉलेज ट्रिप पर जा रही हूँ। इस तरह से 3 दिन के लिए कानपूर आ गई। मैं उसे लेने स्टेशन गया, हम दोनों घर आ गए। हम दोनों फ्रेश हुए और खाना खाने लगे, मैं खाना खाते-खाते ही उसे किसी न किसी बहाने से टच करने लगा, उसको भी मजा आ रहा था।

फिर शाम हो गई.. मैं डिनर लेने बाहर चला गया। जब वापस आया तो देखा आलिया ने शॉर्ट लैगी और टॉप पहनी हुई थी। उसके टॉप में से उसके दूध बाहर को झलक रहे थे। उसके उभरे हुए मम्मों को देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया। हम डिनर करके मूवी देखने लगे। अब मेरी नजरें उसके गोल-गोल मम्मों पर टिकी हुई थीं, मैं उसे एकटक निहार रहा था। अचानक उसकी नजर मुझ पर पड़ी और उसने इठला कर कहा- क्या देख रहे हो जनाब.. क्या इरादा है?

उसका इतना कहते ही मैं समझ गया कि इसका भी चुदने का मूड बन गया है। मैं उसके करीब हो कर बैठ गया- इरादा तो नेक ही हैं जान.. हम दोनों हँसते हुए मूवी देखने लगे। फिर मूवी में एक किसिंग सीन आया तो मैंने देखा कि इस सीन को वो बड़े ध्यान से देख रही थी। तभी मैं अपना हाथ उसकी जाँघों पर रख कर सहलाने लगा।

वो कुछ नहीं बोली। फिर किसिंग सीन खत्म होते ही मुझसे पूछने लगी- क्या तुम भी अपनी गर्लफ्रेंड को ऐसे ही किस करते थे?

मैंने कहा- नहीं.. उसने पूछा- फिर कैसे करते थे? तो मैंने कहा- करके बताऊँ? उसने एक प्यारी सी स्माइल दी और बोली- बहुत बदमाश हो। मेरा हाथ अब भी उसकी जाँघों को ही सहला रहा था, उसकी आँखें बंद होने लगी थीं, मैं समझ गया कि वो गर्म हो गई है। फिर मैंने एक हाथ उसके दूध पर रखा और धीरे-धीरे मम्मों को दबाने लगा।

अब उसके मुँह से भी सिसकारियां निकलने लगी थीं ‘आअहह.. ऊओह..’ अब मैं उसके होंठों पर किस करने लगा, वो भी पागलों की तरह मुझे पकड़ कर किस करने लगी। कोई 5 मिनट तक किस करने के बाद हम दोनों बिस्तर पर आ गए, मैंने उसे लिटा दिया और उसका टॉप उतार दिया।

जैसे ही मैंने उसका टॉप उतारा उसके गोरे-गोरे मम्मे ब्लैक ब्रा में कसे हुए थे। उसके गोरे मम्मे काली ब्रा में बहुत मस्त लग रहे थे यार.. मैं बेसब्र होकर उसके दूध दबाने लगा और कुछ ही पलों में मैंने उसकी ब्रा को उतार दिया। उसके गोरे और एकदम सधे हुए दूध देख कर मैं पागल हो गया था। मैंने उसके मम्मों को पकड़ कर उन पर उठे हुए पिंक निप्पलों में से एक को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगा। वो भी मेरे सर को अपने मम्मों पर ज़ोर से दबाने लगी।

अब मैंने एक हाथ से उसकी लैगी को खींच कर उतार दिया। नीचे वो ब्लैक पेंटी में थी।मैंने भी अपनी टी-शर्ट और लोवर उतार दिया, अब हम दोनों सिर्फ़ अंडरवियर में थे। मैं उसे बेतहाशा किस करते हुए नीचे की ओर बढ़ने लगा और उसकी चूत पर हाथ फेरने लगा। वो भी मेरे हाथ को पकड़ कर अपनी चूत पर ज़ोर से मसलने लगी। मैंने उसकी पेंटी को उतार दिया, उसने भी मेरा अंडरवियर उतार दिया और मेरे लम्बे लंड को पकड़ कर सहलाने लगी। मैंने एक उंगली को उसकी चूत में डाल दिया और अन्दर-बाहर करने लगा, उसे मजा आ रहा था।

उसने मुझसे कहा- क्या तुमने कभी पॉर्न मूवी देखी है?

मैंने कहा- हाँ..

तो उसने कहा- फिर मुझे वैसे ही मजा दो ना.. मेरी चूत को चूसो ना! मैं 69 की स्थिति में होकर उसकी चूत को चाटने लगा।

क्या मुलायम चूत थी दोस्तो.. एकदम सफेद और उस पर ब्राउन कलर के हल्के रेशमी बाल थे। मैं अपनी जुबान उसकी चूत में डाल कर उसकी चूत को चाट रहा था। वो मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर मस्त होकर चूसे जा रही थी। वो एक बार पहले ही झड़ चुकी थी और अब दूसरी बार मेरे मुँह में ही झड़ गई। मैंने उसकी चूत को चाट-चाट कर एकदम लाल कर दिया था।
वो कहने लगी- आह्ह.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… करीम चूत को चाटते ही रहोगे क्या?

मैं सीधा हुआ और उसकी दोनों टाँगों को उठा कर अपने कंधों पर रख लिया, उसने मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत के छेद पर रख लिया। हम दोनों की आँखों में चुदास भरा इशारा हुआ और मैंने एक झटका मारा तो मेरे लंड का सुपारा उसकी चूत में घुसता चला गया।

वो दर्द से तड़पने लगी- आअहह.. धीरे मेरी जान.. धीरे डालो.. मैं तुम्हारी ही हूँ.. जितना चोदना है.. चोद लो.. मगर प्यार से चोदो ना! फिर मैंने धीरे-धीरे झटके मारने लगा। कुछ पल बाद मैंने एक ज़ोर का झटका मारते हुए अपना पूरा लंड उसकी चूत में ठोक दिया, पूरा लंड उसकी चूत की जड़ में घुसा ही था कि वो चीखने लगी। घर में हम दोनों अकेले ही थे.. इसलिए मुझे कोई डर नहीं था। कुछ देर के दर्द के बाद वो कुछ सामान्य से हुई। अब मैं धीरे-धीरे उसे चोदने लगा, कुछ देर बाद उसे भी मजा आने लगा और वो भी गांड उठा-उठा के मेरे लंड के शॉट का जवाब देने लगी, वो मस्ती में बोलने लगी- आआहह.. उम्म्माल.. मजाअ आ रहा है.. और ज़ोर ज़ोर से पेलो!

फिर मैंने उसे डॉगी स्टाइल में खड़ा किया और अपने लंड का सुपारा उसकी चूत के होल पर रख कर एक ही झटके में अन्दर पेल दिया। उसकी एक तेज ‘आह..’ निकल गई मगर मैं उसे जोर जोर से चोदने लगा, पूरे रूम में ठप-ठप की आवाज़ गूंजने लगी। फिर मैं लेट गया और उसे अपने ऊपर लंड पर बिठा कर चोदने लगा। वो भी मम्मों को उछाल-उछाल कर मेरे लंड को अपनी चूत की जड़ तक अन्दर लेने लगी। फिर मैंने उसे चित्त लिटा दिया और उसके ऊपर चढ़ कर उसे चोदने लगा। वो शुरू से अब तक कई बार झड़ चुकी थी और अब मैं भी झड़ने वाला था, कुछ ताबड़तोड़ शॉट के बाद मैं उसकी चूत में ही झड़ गया।

उस रात हम दोनों ने 4 बार चुदाई की। उसके बाद मैंने उसकी 3 दिन 3 रात तक जबरदस्त चुदाई की और उसकी गांड भी मारी। फिर वो अपने शहर चली गई।

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