विधवा दीदी ने मेरा लंड चूसा

सबसे पहले आप सभी पाठकों को सादर प्रणाम. अन्तर्वासना की कृपा से लंड को खड़ा कर देने वाली और चूत में उंगली करने को मजबूर कर देने वाली कामुक कहानियां यहाँ पर पढ़ने और लिखने को मिल जाती हैं.
दोस्तो, मेरा आपसे वादा है कि आप सब मेरी कहानी को पढ़कर एकदम गर्म हो उठेंगे. अगर आपके पास चूत या लंड का इंतज़ाम नहीं है तो लड़के मुट्ठ मारेंगे और लड़कियां अपनी चूत में उंगली डालकर अपनी चूत का पानी निकालेंगी.

मैं आगरा से वीशु कपूर नाम का 25 वर्षीय एक सजीला नौजवान हूँ, अहमदाबाद में एक मसाज पार्लर में मसाज ब्वॉय की हैसियत से काम कर रहा हूँ.

यह बात अभी एक हफ्ते पहले की है. मेरे घर के पास ही एक परिवार रहता है जिसमें एक बुजुर्ग दंपति और एक हाल में हुई जवान विधवा औरत, जिनका नाम काजल (बदला हुआ नाम) रहती थीं. उन बुजुर्ग लोगों को मौसी के पड़ोसी होने के नाते मैं उन्हें भी मौसी और मौसा जी ही कहा करता था और उस विधवा औरत को मैं प्यार से दीदी कहता था. उनकी उम्र करीब 22 से 24 के बीच ही होगी. उनके पति इंडियन आर्मी में थे, जिनकी कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा हत्या कर दी गई थी. हालांकि उनके परिवार को सरकार की तरफ से काफी अच्छा पैसा मिला था. लेकिन जिस परिवार का सदस्य भरी जवानी में गुजर जाए तो वो पैसों से लौट कर नहीं आता.

मैं जब जब उन विधवा दीदी को देखता था, तब तब उन पर मुझे तरस आता था लेकिन मैं ईश्वर की मर्ज़ी के आगे क्या कर सकता था. हालांकि उनके यहाँ पैसे की कोई कमी नहीं थी लेकिन बिना साथी के पहाड़ जैसी जिन्दगी काटना बहुत मुश्किल होता है. हालांकि मेरे मन में उनके लिए कोई भी गलत भावना नहीं थी क्योंकि मैंने उनको कभी उस नज़र से देखा नहीं था.

पता नहीं उस दिन यानि 25 अप्रैल को दीदी को देखने का अंदाज़ ही एकदम से बदल गया. सुबह के समय मैं दाढ़ी बनाकर नहाने के लिए जैसे ही बाथरूम में घुसा ही था, तभी दीदी आ गईं.
दीदी का फिगर 34-30-36 का था और उनकी लंबाई 5 फुट 6 इंच और रंग दूध के समान गोरा था.. मतलब वो काम की देवी रति को भी मात दे रही थीं.

दोस्तो, जैसा कि आप जानते हैं कि मैं पेंट, जीन्स या पजामे के नीचे कुछ भी नहीं पहनता हूँ और सफ़ेद गमछा पहन कर नहाता हूँ. उस दिन बाथरूम में छिपकली होने के कारण मैं आँगन में नहा रहा था.. और जैसा आप जानते हैं कि सफ़ेद गमछा पानी से भीग जाने के कारण शरीर से चिपक जाता है. वो गमछा मेरे लंड की जगह पर चिपक गया था, जिससे मेरा मस्त मोटा लंड और मेरे बड़े बड़े पोते साफ साफ दिखाई दे रहे थे.

मैं नहाने से पहले अपने घर के मेन गेट को बंद करना भी भूल गया था. अन्यथा दीदी अचानक से घर के नहीं आ पातीं.. और वो मुझे नहाते हुए देखती ही नहीं.
खैर, दीदी की आँखों में गमछा से चिपका हुआ मेरा लंबा और मोटा लंड देखकर चमक आ गई और वो मेरे लंड को निहारती रहीं.

जब मैं नहा कर फ्री हुआ और पजामा पहना ही था कि दीदी ने मुझसे कहा- वीशु, अगर तुम्हारे पास समय हो तो इस संडे हमारा कूलर फिट कर दोगे?
दीदी की आवाज़ सुनकर मैं एकदम से चौंक गया कि अचानक से यह कौन आ गया?
मैंने सँभलते हुए अपने लंड को अपने हाथ से छिपाने की कोशिश की क्योंकि मैंने अभी ऊपर कुछ नहीं पहना था और पजामा पता होने के कारण और बिना अंदरूनी वस्त्र पहने होने के कारण पानी से भीगा लंड साफ़ दिख रहा था.

मैंने हाथ से लंड को छिपाया और दीदी से कहा- दीदी, मैं कल कुछ क्लाइंट्स की कॉल पर दिल्ली जा रहा हूँ मतलब संडे को मुझे दिल्ली पहुँचना है, तो मैं कल यहाँ (अहमदाबाद) से जाऊँगा, तब जाके संडे सुबह तक पहुँच सकूँगा.
दीदी बोली- कब तक लौटोगे?
मैंने जवाब दिया- पता नहीं.
दीदी ने पूछा- इसका क्या मतलब?
मैंने बताया कि अभी मेरे पास कुछ क्लाइंट्स के कॉल्स आये हैं और यह तो वहीं जाकर पता चलेगा कि कितनी क्लाइंट्स मेरी सर्विस लेंगी?

दीदी ने मुझसे कहा- मैं समझी नहीं कि तुम क्लाइंट्स को किस तरह की अपनी सर्विस देते हो?
दीदी मेरे लंड को देख रही थीं और अपने चूचों को अपने हाथ से बार बार खुजाते हुए कुछ चुदास भरा इशारा कर रही थीं.
तो मैंने दीदी से कुछ भी न छिपाने का फैसला किया और उनको बताया- दीदी, मैं एक जिगोलो हूँ.

दीदी ने पूछा बनते हुए अपनी चूचियों की झलक दिखाई और पूछा- ये जिगोलो क्या होता है?
मैंने अपना हाथ अपने लंड से हटाया और दीदी से पूछा कि दीदी क्या आप वाकयी जिगोलो नहीं जानतीं?
उन्होंने मेरे खड़े होते हुए लंड को ललचाई निगाहों से घूरा और जवाब दिया- नहीं.
मैंने बताया- जिगोलो एक मेल सेक्स वर्कर होता है. जो औरत अपने पति से शारीरिक रूप से संतुष्ट नहीं होती है, उसे जिगोलो संतुष्ट करता है मतलब वो उस औरत के साथ सेक्स करता है और बदले में वो उस औरत से अपनी मेहनत की फीस लेता है.
दीदी ने ‘ओह..’ कहा और उन्होंने बड़ी बेशर्मी से मेरे लंड को देखने की माँग की.

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