वासना भरी मामी को चोदा

मेरी हिंदी सेक्स कहानी मेरी मामी की चुदाई की सच्ची कहानी है.
मेरा नाम रोहन है, मेरी उम्र 22 साल की है. यह बात आज से करीब 2 साल पहले की है, उस वक्त मैं पढ़ाई के लिए अपने मामा के घर दिल्ली आया था. मेरे मामा शराब के बहुत डाइहार्ड फैन हैं. उनको दिन भर शराब पीने की आदत है और हमारी मामी, जिनका नाम रूही है. उनकी हाइट करीबन 5 फुट 4 इंच होगी, चुचे ज्यादा बड़े नहीं हैं. वे थोड़ी पतली भी हैं, लेकिन एक बार अगर देख लो, तो कसम से आप मुठ मारे बिना नहीं रह पाओगे.

जब से मामा की उनसे शादी हुई थी, तब से ही मैं मामी को पेलने का ख्याल अपने मन में संजोए हुए था कि हो ना हो.. एक बार तो अपना लंड मामी की चुत में ज़रूर पेलूँगा.

मामा से मामी को सिर्फ़ एक ही लड़का हुआ है. मामा के 24 घंटे नशे में धुत्त रहने के कारण वो अब सेक्स नहीं कर पाते. मामी की ये उदासी मुझसे देखी नहीं जाती थी.

वैसे तो मामी मेरे बारे में कभी ऐसा वैसा नहीं सोचती थीं, लेकिन मैं हमेशा से उनको चोदने का मौका खोजता रहता था और अपनी कोई हिंदी सेक्स कहानी बनाना चाहता था.

मामा और मामी का अपने बेडरूम में सोते थे और मैं बाहर हॉल में सोफे पे सोता था. चूंकि बेड पर सोने की मेरी आदत नहीं है, तो मैं टीवी देखते हुए सोफे पर ही सो जाता था.

रोज सुबह जब मामी उठती थीं, तो मेरी भी आँख खुल जाती. मैं उन्हें चोरी चोरी आँखें बंद करके देखता रहता. सुबह जब वो उठती थीं तो उनकी नाईटी के अन्दर से उनके हिलते हुए चुचे एकदम साफ़ दिखते थे क्योंकि उस वक्त वे अन्दर ब्रा नहीं पहने होती थीं.. बल्कि यूं कहें कि वे ब्रा कम ही पहनती थीं. इसके अलावा जब मामी काम करती थीं, तो उनकी साड़ी भी खुलने सी लगती तो मैं उन्हें घूरता रहता था. जबकि वो अपने काम करने में ही मस्त रहती थीं.

मामा सुबह अपने लड़के को स्कूल छोड़ कर काम पर चले जाते थे और घर में सिर्फ़ मैं और मेरी मामी ही बचते थे.

जब वो नहा कर आतीं, तो मैं बाथरूम में जा कर उनकी पेंटी में ही मुठ मार दिया करता था और उन्हें शक भी नहीं होता था. क्योंकि मैंने बड़े ध्यान से उनकी पेंटी को देखा था कि उनकी पेंटी में बहुत से सफेद दाग लगे रहते थे, जिससे ये पता चलता था कि मामी रात को या फिर दिन में ही कितनी बार झड़ जाती होंगी.
इसी तरह मेरे दिन कट रहे थे.

एक दिन जब मैं बाथरूम में उनकी पेंटी में मुठ मारने घुसा, तो देखा कि उनकी पेंटी बहुत ही ज्यादा गीली थी, ऐसा लग रहा था जैसे कि नहाने से पहले वो अपनी चुत में उंगली डाल कर डिसचार्ज हुई हों. उनकी पेंटी में उनका सारा सफेद पानी लगा हुआ था, जो कि बहुत चिपचिपा था. मैं बिना वक्त गंवाए, उनकी पेंटी पर अपना लंड रगड़ने लगा और फिर मुठ मार के बाहर निकल आया.

उस दिन से मैं उन्हें पेलने का प्लान बनाने लगा. लेकिन समझ नहीं आ रहा था कि कैसे उन्हें पटाऊं.

अब मेरे खुराफाती दिमाग़ में एक आइडिया आया और मैंने इसे फॉलो किया.
दूसरे दिन मैं जल्दी नहाने चला गया और अपना फोन भी साथ ले गया. मैंने अपने फोन में सीक्रेट वीडियो रेकॉर्डिंग ऑन कर दी थी.. और फोन को इस तरह से रखा था कि ऐसा लगे कि फोन गलती से यहां छूट गया हो.
मैं नहा कर बाहर आया ही था कि मामी चली गईं.

मामी नहा के बाहर आई और मुझे बुलाकर बोलीं कि रोहन ज़रा यहां आओ.

मैं फटाक से गया क्योंकि मुझे डर भी लग रहा था कि कहीं वो समझ तो नहीं गईं. लेकिन मामी बोलीं- तुम्हारा फोन अन्दर क्या कर रहा था?
मैं बोला- शायद ग़लती से वहीं रह गया होगा.. क्यों किसी का कॉल आया था क्या?
मामी बोलीं- नहीं, कॉल तो नहीं आया था.

उन्होंने फोन मुझे वापस दे दिया. मैं जल्दी से छत पर गया और फोन अनलॉक करके वीडियो देखने लगा कि क्या बना है. मैंने देखा कि मामी अपनी पेंटी उतार कर अपनी उंगलियों को चुत में घुसा रही हैं और अपनी बुर को रगड़ रही हैं. तभी मैंने देखा कि मामी नहाने के बाद मेरा फोन उठा कर देख रही थीं कि कहीं वीडियो रेकॉर्डिंग तो नहीं हो रही है. लेकिन शायद वो समझ नहीं पाई कि ये सीक्रेट वीडियो रेकॉर्डिंग हो रही है.

अब मेरे पास उन्हें ब्लैकमेल करने का पूरा इंतजाम था.

दूसरे दिन जब मैं नहा कर निकला तो मुझे शरारत सूझी. उस वक्त मामी वहीं खड़ी थीं और मैंने अपना तौलिया ढीला कर दिया ताकि वो नीचे गिर जाए और मामी जी को मेरे लंड के दीदार हो जाएं.

वही हुआ, तौलिया खुल गया, मामी अपलक मुझे घूरती रहीं लेकिन मैं उनसे शरमाने का नाटक करने लगा- मामी प्लीज़ अपनी आँखें बंद कर लीजिए.
लेकिन 2 मिनट तक देखने के बाद मामी पलट गईं ओर मेरा काम भी आसान हो गया. मेरी झांटें बड़ी थीं और लंड भी लंबा होकर खड़ा हो गया था.

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