Uncle Ne Gand Fadkar Biwi Banaya

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम विशु है और मेरी उम्र 20 साल है। में उत्तरप्रदेश का रहने वाला हूँ, में अपने माँ बाप की एक ही संतान हूँ। ये कोई कहानी नहीं है एक सच्ची घटना है। वैसे तो में एक लड़का हूँ, लेकिन एक अंकल ने मुझे इतना चोदा कि में लड़की बन गया। ये घटना आज से 2 साल पहले की है, जब में 18 साल का था। मेरा रंग गोरा, चिकना शरीर, पिंक लिप, छोटी सी गांड। मेरा एक दोस्त था जिसका नाम सोनू था, में शाम को अक्सर अपने दोस्त के साथ खेला करता था। एक दिन मेरे दोस्त का बर्थ-डे था तो रात को में उसके घर पर ही रुक गया, मैंने रात में अचानक किसी का हाथ अपने लंड पर महसूस किया। ये सोनू था जो मेरे लंड को सहला रहा था, मुझे अजीब सा मज़ा आ रहा था तो मैंने भी सोनू के लंड को पकड़ लिया। फिर कुछ देर के बाद हम दोनों के हाथ पैर अकड़ गये और अजीब सा मज़ा आया, फिर हम दोनों सो गये अगले दिन से हम दोनों रोज यही करते और मज़ा लेते है।

एक दिन मेरे घर पर कोई नहीं था, में और सोनू अकेले थे और दोनों नंगे ही एक दूसरे से मज़े ले रहे थे कि अचानक एक 35 साल का आदमी मेरे घर में आया। ये और कोई नहीं था मेरे पापा के दोस्त राकेश अंकल थे जिनकी पत्नी को मरे अभी 2 महीने हुए थे। अंकल को देखते ही मेरी सिट्टी पिट्टी गुम हो गयी। फिर हम दोनों ने जल्दी से कपड़े पहने और अंकल ने मुझे आवाज़ लगाई तो में बाहर आया तो वो कहने लगे कि ये तुम दोनों क्या कर रहे थे? मैंने सब देख लिया है। आज में तुम्हारी तुम्हारे पापा से शिकायत करूँगा, तो में रोने लगा। फिर मेरा दोस्त बाहर आया तो उसको अंकल ने डांटकर भगा दिया। फिर अंकल ने मेरी एक एक भी बात नहीं सुनी और राकेश अंकल वहाँ से चले गये। उनके जाने के बाद में अपनी तकदीर को कोसता रहा।

फिर रात को अंकल घर आए और कहने लगे शर्मा जी तुमसे कुछ बात करनी है। फिर अंकल और पापा दोनों अलग रूम में चले गये, में बहुत डर गया था। फिर कुछ देर के बाद जब पापा बाहर आए और बोले विशु बेटा कल रमेश अंकल के घर चले जाना अंकल तुम्हे पढ़ा देंगे। मेरे समझ में कुछ नहीं आ रहा था तो मैंने हाँ में सिर हिला दिया। अगले दिन रविवार को जब में रमेश अंकल के घर पहुंचा तो सुबह के 10 बज रहे थे। मैंने डोर बेल बजाई तो अंकल बाहर आए और बोले अरे विशु बाहर क्यो खड़े हो? अंदर आओ। फिर में अन्दर जाकर सोफे पर बैठ गया, फिर उन्होंने चाय बनाई और हम दोनों चाय पीने लगे।

फिर अंकल बोले जो तुम दोनों कर रहे थे वो ठीक नहीं था। फिर उन्होंने मुझे खींचकर अपने पास बैठा लिया। में डर रहा था, हम दोनों की चाय ख़त्म हो चुकी थी। फिर अंकल ने मुझे अपनी बाहों में भरा और मेरे होंठो पर अपने होंठ रख दिए, में सिर्फ़ गूं गूं की आवाज़ ही निकाल पा रहा था। फिर उन्होंने करीब 5 मिनट के बाद मुझे आज़ाद किया और मुझसे बोले कि तुम्हारे होंठ बहुत टेस्टी है और इतना कहते ही उन्होंने अपने और मेरे कपड़े खोलने शुरू कर दिए तो में उनसे मना करने लगा। फिर वो बोले चुपचाप रहो विशु मेरी बात मान लो नहीं तो जो तुम दोनों कर रहे थे वो सब में तुम्हारे पापा को बता दूँगा। तो में डर गया और अंकल ने जल्दी से मेरे कपड़े निकाल दिए और बोले कि विशु तू बहुत चिकना है, आज तुझे में अपनी बीवी बनाऊंगा। फिर वो मुझे गोद में उठाकर अपने रूम में आ गये और मुझे मेकअप का सामान दिया और अपनी बीवी के कपड़े पहनने के लिए दिए। तो मैंने उनसे यह सब करने के लिए मना किया, तो अंकल ने मुझे एक थप्पड़ मारा। फिर में चुपचाप ब्रा, पेंटी, ब्लाउज, पेटीकोट और साड़ी पहनने लगा। फिर मैंने मेकअप किया। उसके बाद मैंने अपने आपको कांच में देखा तो में दुल्हन से भी ज़्यादा सुंदर लग रहा था और दुल्हन की तरह बिस्तर पर बैठ गया। उस समय मुझे एक अजीब सा मज़ा आ रहा था और डर भी लग रहा था।

फिर अंकल आए और मुझसे कहने लगे कि अपने पति के पैर नहीं छुओगी जान। फिर मैंने उठकर अंकल के पैर छुए और फिर उन्होंने मुझे गोद में उठाया और होंठ चूसते रहे और करीब 5 मिनट के बाद मुझे छोड़ा, फिर मैंने देखा कि अंकल बिल्कुल नंगे थे, उनका लंड बहुत मोटा और लंबा था। करीब 9 इंच लंबा और 3 इंच मोटा था मुझे डर लग रहा था। फिर अंकल ने लंड मेरे हाथ में दिया और चूसने को बोला। फिर में आहिस्ता-आहिस्ता उनका लंड चूसने लगा तो मुझे कुछ अजीब सा ही मज़ा आ रहा था। फिर अंकल ने मुझे उल्टा लेटाया और मेरी गांड के छेद को अपने लंड से सहलाने लगे, तो मुझे भी मज़ा आने लगा था और में भी अपनी गांड हिला-हिलाकर उनके लंड को अंदर लेने के लिए बेचैन हो रहा था। फिर अंकल ने मुझसे पूछा कि क्या तुम मुझे अपना पति मानती हो? तो मैंने हाँ में सिर हिला दिया। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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