वो बोली चोदते रहो रात भर

Antarvasna पायल बहुत ज्यादा खुश नजर आ रही थी और मैं जब पायल के घर गई तो मैंने पायल से कहा तुम आज बड़ी खुश नजर आ रही हो। पायल मुझे कहने लगी कि आखिरकार मैं खुश क्यों नहीं होंगी मेरी खुशी का कारण यही है कि मेरी नौकरी लग चुकी है। मैंने पायल से कहा तुम्हारी नौकरी कहां लगी तो वह मुझे कहने लगी कि मेरी नौकरी कोलकाता में लग चुकी है पायल मुझे कहने लगी तुम्हें याद होगा ना जब मैंने कुछ समय पहले एक फॉर्म भरा था। मैंने पायल से कहा हां मुझे याद है तुमने कुछ समय पहले ही तो एक फॉर्म भरा था पायल कहने लगी हां वहां पर मेरा सिलेक्शन एक गवर्नमेंट जॉब के लिए हो चुका है। मैंने पायल से कहा चलो यह तो बड़ी खुशी की बात है कि तुम्हारी नौकरी कोलकाता में लग चुकी है पायल कहने लगी कि हां कुछ समय बाद मैं वहां चली जाऊंगी। पायल हमारे पड़ोस में ही रहती है और वह मेरे साथ कॉलेज में भी पढ़ा करती थी पायल कुछ समय बाद ही कोलकाता जाने वाली थी। पायल की मां ने मुझे कहा कि लो बेटा मुंह मीठा करो मैंने मिठाई खाई और मैं पायल से कहने लगी जब तुम चली जाओगी तो तुम्हारी बहुत याद आएगी।

पायल मुझे कहने लगी कि याद तो मुझे भी तुम्हारी बहुत आएगी मैं तुम्हें वहां से फोन करती रहूंगी मैंने पायल से कहा हां पायल तुम मुझे फोन जरूर करना। मेरे फोन पर मेरी मम्मी का कॉल आ रहा था मैंने फोन उठाया और कहा मम्मी कहिए तो मम्मी कहने लगी कि कोमल बेटा तुम घर पर आना कुछ काम था। मैंने मम्मी से कहा मम्मी बस अभी घर पर आई और जब मैं घर पर गई तो मम्मी मुझे कहने लगी कोमल क्या हमने तुम्हारे लिए आज तक कभी किसी चीज की कोई कमी की थी। मेरी समझ में कुछ आ नहीं रहा था मैंने मम्मी से कहा मम्मी आप ऐसा क्यों कह रही हैं। मम्मी कहने लगी बेटा तुम मुझसे यह सब छुपाने लग गई हो मैंने मम्मी से कहा मम्मी आप किस बारे में बात कर रही हैं। उन्होंने मेरे पर्स में से रजत और मेरी फोटो निकाल कर मुझे दिखाई और वह कहने लगी कि यह क्या है। मैंने मम्मी से कहा कि मम्मी ऐसा तो कुछ भी नहीं है आपको गलतफहमी हुई है लेकिन मम्मी मेरी बात मानने को ही तैयार नहीं थी वह कहने लगी कि मैं रजत से मिलना चाहती हूं।

मैंने मम्मी से कहा मम्मी आपको कोई गलतफहमी हो रही है लेकिन मम्मी मेरी बात कहां मानने वाली थी और उन्होंने मुझे कहा कि तुम मुझे रजत से कब मिला रही हो। मैंने कहा मां मैं जल्दी आपको रजत से मिलवा दूंगी। जब मैंने मां को रजत से मिलवाया तो मां कहने लगी कि तुम्हारी पसंद तो बहुत अच्छी है मैंने मां से कहा मां ऐसा कुछ भी नहीं है हम लोग सिर्फ एक अच्छे दोस्त हैं लेकिन मां अपनी वही पुरानी सोच और अपनी वही पुरानी बातें बीच में ले आई वह कहने लगी कि नहीं तुम दोनों के बीच कुछ तो खिचड़ी पक रही है। मैंने मां से कहा मां ऐसा बिल्कुल भी नहीं है आपको कोई गलतफहमी हो रही है माँ मुझे कहने लगी कि बेटा मुझे कोई भी गलतफहमी नहीं हो रही है। मैंने मां से कहा देखो मां यदि ऐसा कुछ होता तो मैं आपको बताती नहीं क्या। मां ने यह बात पापा को भी बता दिया और उसके बाद तो यह बात आग की तरह हमारे पूरे रिश्तेदारों में फैल गई और सब लोग मुझसे पूछने लगे कि तुम कब शादी कर रहे हो। रजत भी मेरी मां के सामने कुछ नहीं कह पाया वह मम्मी को सच भी नही बता पाया और ना ही उसकी कुछ कहने की हिम्मत हुई। घर में मैं एकलौती थी इसलिए सब लोगों की उम्मीद मुझसे बहुत ज्यादा थी और रजत के मेरे जीवन में आने से मां और पापा को ऐसा लग रहा था कि अब मैं शादी के लिए मान जाऊंगी लेकिन रजत सिर्फ और सिर्फ मेरा अच्छा दोस्त था उससे अधिक हम दोनों के बीच कुछ भी नहीं था। पर मां कहां मानने वाली थी मां तो हाथ धो कर मेरे पीछे पड़ी हुई थी और उसके बाद मैंने भी मां से कुछ नहीं कहा और ना ही मैं मां से कुछ कह पाई। रजत बेवजह ही बीच में फंस गया था यह किसी फिल्मी कहानी की तरह चल रहा था। रजत और मेरे बीच में बिल्कुल भी प्यार नहीं था लेकिन हम दोनों एक दूसरे को बहुत अच्छे तरीके से समझते थे और हम दोनों को हमेशा से ही लगता था कि हम दोनों एक दूसरे को बहुत अच्छे से समझते हैं।

रजत मुझे कहने लगा कि हमें तुम्हारे परिवार वालों को सब कुछ सच बता देना चाहिए। मैंने रजत से कहा कि अब तुम ही बताओ मैं क्या कहूं यदि मैं मम्मी से यह सब कहूंगी तो मम्मी मुझ पर ही उल्टा गुस्सा हो जाएंगे और कहेंगे कि तूने मुझे पहले क्यों नहीं बताया इतने समय बाद तो उन्हें लग रहा है कि मैंने किसी लड़के को पसंद कर लिया है और मैं उससे शादी करने वाली हूं और अब यह सब बोलकर मैं पापा मम्मी का दिल नहीं दुखाना चाहती। रजत कहने लगा कि तुम्हें कौन पापा मम्मी का दिल दुखाने के लिए कह रहा है तुम सिर्फ उनसे सच कह दो कम से कम मैं भी इस झूठे रिश्ते से आजाद हो जाऊंगा। रजत किसी और लड़की को ही चाहता था और हम दोनों सिर्फ एक दोस्त है हमने कभी भी एक दूसरे के बारे में ऐसा नहीं सोचा था लेकिन वह तो मम्मी को लग गया था कि हम दोनों एक दूसरे से प्यार करते हैं इसलिए उन्होंने बात को बहुत आगे तक बढ़ा दिया था और अब बात तो मुंह से निकल चुकी थी और उसे वापस ला पाना तो मुश्किल ही था लगभग असंभव के समान ही था। रजत और मैं इस झूठे रिश्ते को अब तक चलाते आ रहे थे।

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