मेरा पहला सेक्स कुंवारी लड़की के साथ

हैल्लो फ्रेंड्स, मेरा नाम अवी है। मैं अन्तर्वासना का पांच-छह सालों से नियमित पाठक हूँ, लेकिन कभी मैंने अपनी कोई स्टोरी पोस्ट नहीं की क्योंकि मेरे साथ ऐसा कभी कुछ हुआ ही नहीं। मगर आज से करीब दो महीने पहले मेरी लाइफ पूरी तरह से बदल गयी। मैं आज आप सबके साथ अपना पहला एक्सपीरिएंस शेयर करने जा रहा हूँ. उम्मीद करता हूँ कि आप सबको ये पसंद आयेगा।

मैं एक छोटे शहर से हूँ और मैंने अभी पढ़ाई कंपलीट करके जॉब ज्वाइन की है। मेरी फैमली में माँ, पापा और भाई हैं।
तो हुआ ये कि करीब 8 महीने पहले हमारे पड़ोस में एक नयी फैमिली शिफ्ट हुई। उस फैमिली में एक लड़का था जो कि मेरी उम्र का था और उसका नाम था रवि। उसकी फैमली में उसके पापा, माँ और एक बहन थी। वो लोग बहुत अच्छे थे और आते ही उनके और हमारे परिवार के बीच अच्छा रिलेशन बन गया.

रवि मेरा अच्छा दोस्त बन गया। रवि की बहन का नाम सुषी था और वो 22 साल की थी। सुषी के बारे में आप को बताऊं तो सुषी का फिगर शायद 32-28-34 का होगा। उसकी हाइट 5 फीट 5 इंच की थी. दिखने में गोरी, किसी फिल्म की हीरोइन को भी फेल करने वाला लुक्स थे उसके।
आते ही कुछ लड़कों ने उस पर लाइन मारना चालू भी कर दिया, पर सुषी ऐसी नहीं थी. उसने किसी को घास भी नहीं डाली।

ऐसे ही कुछ दिन बीत गए. फिर सुषी के लिए एक रिश्ता आया और उसके घर वालों को रिश्ता पसंद आया और उन्होंने एक लड़के के साथ सुषी का रिश्ता पक्का कर दिया।
शादी को सिर्फ 45 दिन ही रह गए थे। एक दिन संडे को मेरी ऑफिस की छुट्टी थी तो मैंने और रवि ने घूमने का प्लान बनाया। मैं सुबह दस बजे उसके घर गया तो मैंने देखा कि आंटी और सुषी कुछ बात कर रहे थे. आंटी सुषी को डांट रही थी और सुषी काफी उदास दिखाई दे रही थी.

मैं अंदर गया और रवि के लिए पूछा तो आंटी ने कहा कि वो नहा रहा है.
आंटी बोली- तू बैठ, मैं तुम दोनों के लिए नाश्ता लगाती हूं.
इतना कहकर आंटी नाश्ता लगाने के लिए वहां से किचन की तरफ चली गयी।

सुषी उदास बैठी थी. मेरी कभी पहले सुषी से ज्यादा बात नहीं हुई थी. थोड़ी बहुत जो बात हुई थी उसमें केवल हाय, हैल्लो ही हो पाता था. लेकिन कभी किसी टॉपिक पर खुल कर बात नहीं हुई थी.
वैसे तो मेरा उनके घर पर अक्सर आना-जाना लगा ही रहता था लेकिन मेरी ज्यादा बातें रवि के साथ ही होती थीं. सुषी से बात करने में मुझे भी थोड़ी सी शर्म सी आती थी.
जब सुषी अकेली थी तो मैंने मौका देख लिया और उसके दिल की बात पूछने की सोची. मैं सुषी के पास गया और उससे पूछा कि वो उदास क्यों है.

सुषी पहले तो टाल-मटोल करने लगी, तरह-तरह के बहाने करने लगी लेकिन मैंने उससे पूछना जारी रखा और अंत में उसने मुझे अपने दिल की बात बता ही दी.
सुषी ने बताया कि वह अपनी होने वाली शादी से खुश नहीं है.
मैं जानकार थोड़ा हैरान हुआ. मैं ज्यादा खुलकर बात नहीं करना चाहता था लेकिन फिर भी सोचा कि जब अब बात चल ही गई है तो क्यों न पूरी बात का ही पता लगा लिया जाए. फिर मैंने बातों ही बातों में सुषी से पूछा तो उसने बताया कि जिस लड़के से उसकी शादी होने वाली है वह उसको पसंद नहीं है.

फिर मैंने सुषी सा इसकी वजह भी पूछ ली. सुषी ने कहा कि वह लड़का उम्र में उससे बहुत बड़ा है.
मैंने सुषी से पूछा कि तुम्हारे माता और पिता को भी तो वह लड़का उम्र में बड़ा लगा होगा न. फिर उन्होंने सब कुछ जानते हुए भी तुम्हारी शादी ऐसे लड़के के साथ तय क्यों कर दी?
सुषी ने बताया कि उसके माता-पिता ने लड़के की नौकरी को देखकर यह रिश्ता पक्का किया है. वह अच्छा कमाता है. इसलिए उसकी शादी बड़ी उम्र के लड़के साथ तय कर दी गई है.

हम दोनों के बीच में यह सब बातें हो ही रही थीं कि तभी सुषी कि माँ वहां पर आ गई और उन्होंने हमारे बीच में होने वाली बात सुन ली. उसके बाद आंटी ने सुषी पर जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया. मुझे लगा कि सुषी कुछ नहीं बोलेगी लेकिन बदले में सुषी ने भी अपनी माँ पर चिल्लाना शुरू कर दिया. दोनों ही जोर-जोर से चिल्लाने लगीं. उनकी लड़ाई बढ़ती ही जा रही थी. इतनी ही देर में रवि भी वहां पर आ गया. हम दोनों ने सुषी को चुप कराने की बहुत कोशिश की लेकिन वह भी चुप नहीं हुई और आंटी भी चुप नहीं हो रही थी.

उसके बाद रवि आंटी का हाथ पकड़ कर अंदर ले गया. जब वह बाहर आया तो सुषी रो रही थी. मैंने रवि से कहा कि मैं सुषी को अपने घर ले जाता हूँ नहीं तो ये दोनों फिर से लड़ाई शुरू कर देंगी. रवि भी मेरी बात से सहमत हो गया और उसने सुषी को मेरे साथ मेरे घर पर भेजने का फैसला कर लिया.

Pages: 1 2 3 4

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published. Required fields are marked *