पेड सेक्स में दिया परम आनन्द

चूंकि मेरी हाइट 5 फुट 10 इंच है और उनकी मुझे काफी कम थी … यही कोई लगभग 5 फुट 1 इंच के आसपास. मैंने उन्हें अपनी बांहों में दबाते हुए ऊपर उठा लिया और उनके होंठों पर किस कर दिया.

आह क्या मखमली अहसास था. मैं उनके होंठों को चूमता ही रहा. अभी वो भी जैसे मुझमें खो जाना चाहती थीं.

हम दोनों ने 5 मिनट तक किस किया उसके बाद मैं उनसे अलग हुआ. उन्होंने नजरों को झुकाते हुए बोला- मैं तो आपके लिए चाय लाने वाली थी, लेकिन आप बाथरूम से निकले, तो मैं अपने आपको रोक नहीं पाई.
मैं हंस दिया.

फिर उन्होंने कहा- आपको यहां कम से कम 5 दिन रुकना होगा.
ये उन्होंने पहले भी बता दिया था कि आप जब भी आओगे, तो मैं आपको एक दो दिन में जाने नहीं दूंगी.
मैं भी हामी भर दी थी और उसी हिसाब से अपना प्रोग्राम बनाया था.

फिर उन्होंने दुबारा चाय बनाई. मैंने भी चाय पी, मेरे साथ उन्होंने भी पी. इसके बाद किसी कामवाली को आवाज आई, तो वो कप प्लेट उठा कर बाहर चली गई.

थोड़ी देर बाद मलीहा जी मुझे नाश्ते के लिए बुलाने आईं. हम दोनों ने साथ में ही नाश्ता किया, लेकिन मैंने ध्यान दिया कि जब मैं आया था, तो 8-10 नौकर थे. पर अभी सिर्फ एक ही नौकरानी हमें खाना परोस रही थी. तो मुझे समझते देर ना लगी कि इन्होंने सभी को छुट्टी दे दी है. फिर भी उन्होंने भी मुझे इशारों में ही सारी बातें बता दीं. मैं समझ गया.

नाश्ता करके मैं अपने रूम में आ गया. वह भी मेरे साथ रूम में आईं और दरवाजे को अन्दर से लॉक कर दिया. मैं समझ गया कि पहला राउंड अब शुरू होगा.

वह दरवाजा बंद करके मेरे गले से लग गईं और फिर मुझे लंबी लंबी किस करने लगीं. मैं भी उन्हें किस करने लगा. किस करते करते मुझे उनके मादक बदन की खुशबू मदहोश करती जा रही थी. उनके होंठ रस से भरे जैसे लग रहे थे … जैसे ये मेरे चूसने के लिए ही बने थे. मैं उनके होंठों के रस को पीने लगा.

धीरे धीरे को मलीहा बोल भी रही थीं- तुमने अपनी लाइफ में जितना एक्सपीरियंस किया है, मुझ पर सब अमल करो. मुझे इतना प्यार करो कि बस मुझे कोई कमी न महसूस न हो. इन 5 दिनों में तुम मुझे पूरी तरह से संतुष्ट कर देना.

मैं भी उनको आश्वासन देता हुआ उन्हें प्रोत्साहित करने लगा. मैं उनके गले पर किस करने लगा … उनके कान के नीचे चूमने लगा. वो मेरे चुम्बनों से मदहोश होते जा रही थीं. मैं भी उन्हें पूरी शिद्दत से किस करता जा रहा था.
मेरा लंड पूरा टाइट हो गया था. लंड की क्या औकात थी कि जब इतनी मस्त माल मेरी बांहों में हो, तो वो खड़ा न हो.

मैं मलीहा को किस करता जा रहा था. साथ ही मैं धीरे-धीरे उनके कपड़े भी उतार रहा था. मैंने भी सोच लिया था कि आज इनको सेक्स और प्यार का वो मजा दिलाऊंगा कि यह कभी भूल नहीं पाएंगी.

मैंने उनके कपड़ों को निकाल कर दूर फेंक दिया. एक बात का एहसास तो मुझे पहले ही हो गया था कि वह अपनी इस बेबी डॉल टाइप की नाइटी के नीचे कुछ नहीं पहनी होंगी. लेकिन नाइटी उतरने से मुझे मालूम हो गया कि उन्होंने नीचे से कुछ नहीं पहना था. नाइटी को निकालते ही वह बिल्कुल नंगी हो गई थीं.

अब मैं उन्हें किस करते करते ही उनके मम्मों को भी दबा रहा था. मम्मों को दबाने और निप्पलों को छेड़ने से धीरे-धीरे उनकी मादक सिसकारियां निकलने लगीं.

मैं उनके गले पर किस करते जा रहा था, कभी उनके कानों के नीचे, कभी उनकी आंखों पर, कभी उनके गालों पर, कभी उनके होंठों पर चुम्मा लेते जा रहा था. मैं उनके गले पर स्वीट बाइट भी दे रहा था. मलीहा बिल्कुल पागल होती जा रही थीं.

धीरे-धीरे मैं अपना एक हाथ उनकी चूत पर ले गया. मेरी उम्मीद के मुताबिक़ ही उनकी चूत गीली हो चुकी थी. उन्होंने भी मेरे लंड को पकड़ कर सहलाना चालू कर दिया. उनके हाथ लगाते ही मेरा लंड और ज्यादा टाइट हो गया, लेकिन मैं इतनी जल्दी तो चूत में लंड डालने वाला नहीं था.

मैं किस करते-करते अब उनकी चूची को चूसने लगा था और चूत को मसलता जा रहा था. मलीहा के हाथ भी लगातार मेरे लंड पर चल रहे थे.

इसी बीच मैंने अपनी एक उंगली को उनकी चूत में अन्दर घुसा दिया.
मलीहा इससे एकदम से उचक पड़ीं और मेरे सर को अपने चुचे पर दबाने लगीं. अब मलीहा बोलने लगीं- आह … जोर जोर से. मुझसे रहा नहीं जा रहा.

धीरे धीरे मैंने मलीहा को बेड पर लिटा दिया और उनके दोनों मम्मों को चूसते हुए धीरे धीरे नीचे को आता जा रहा था. अब मैं उनके पेट पर भी स्वीट बाइट दे रहा था. मैंने अपने एक हाथ का अंगूठा उनके मुँह में दे दिया. मलीहा मेरे अंगूठे को चूसने लगीं. मैंने उनको पलटा दिया. मैंने उनकी पीठ पर जैसे ही स्वीट बाइट और किस करना चालू किया, वह पागल होने लगीं.

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