पहले प्यार की चुदाई उसी के घर में

दोस्तो, मेरा नाम साहिल है और मैं हरियाणा का रहने वाला हूँ. मैं देखने में बहुत स्मार्ट हूँ. मेरी हाइट लगभग 5 फुट 7 इंच है। मुझे सुन्दर लड़कियाँ और भाभियां बहुत पसंद है मेरे लंड का साइज 6 इंच लंबा व 3 इंच मोटा है.
मैंने अन्तर्वासना की लगभग सारी कहानियाँ पढ़ी हैं।

चलिए मैं अब आपको अपने जीवन में घटी एक कहानी बताता हूं जो मुझे हमेशा याद रहेगी।

मेरी एक गर्लफ्रेंड थी जिसका नाम था सुचेता; वो मेरे घर से कुछ दूरी पर रहती थी। दोस्तो, वो इतनी सुंदर थी कि क्या बताऊँ … उसको देख के अच्छे अच्छे का लंड खड़ा हो जाये. उसका फिगर 32 28 34 का था. जब वो चलती थी तो उसे देख कर मैं बिल्कुल पागल हो जाता था.
वो लोग हमारे शहर में नए थे। उसके परिवार में उसका एक छोटा भाई और उसके मम्मी पापा। वो हमारे घर के पास रहते थे और उसका भाई काफी छोटा था तो उसकी मम्मी को कोई काम होता था तो वो मुझे बोल देती थी. और मैंने कभी भी मना नहीं किया.

लेकिन सुचेता से मेरी कोई बातचीत नहीं होती थी, उसका छोटा भाई मेरे पास आ जाता था और मेरा अच्छा दोस्त बन गया था। वो भी कभी कभी अपने भाई को बुलाने के लिए हमारे घर आती थी. शुरू शुरू में तो हमारे बीच कोई बातचीत नहीं हुई लेकिन कुछ दिनों बाद वो कॉलेज जाते वक्त मुझे रास्ते में मिलती और हम दोनों एक दूसरे को स्माइल पास करते.

बस ऐसे करते करते काफी दिन गुजर गए। फिर मैंने सोचा लिया कि अब तो बात करके ही रहूंगा।
फिर एक दिन मैंने उसे हलो बोला और उसने भी हाय में जवाब दिया और एक छोटी सी स्माइल दी. उसे देखकर तो मैं बिल्कुल पागल ही हो गया.

फिर कुछ दिनों तक हमारे बीच हाय हलो ही चलती रही. इसी बीच हम दोनों एक दूसरे को अच्छे लगने लगे. उसके बाद हम अच्छे दोस्त बन गए, फिर मैंने उससे उसका फ़ोन नंबर मांगा और उसने बिना कुछ सोचे दे दिया. फोन पे हमारी बातें होने लगी और कुछ दिन बाद हम दोनों एक दूसरे को जोक, सेक्सी मैसेज भेजने लगे. कुछ दिन बाद हम बिल्कुल खुल गए.

फिर कुछ दिन बाद मैंने उसे परपोज़ किया और उसने भी हाँ कर दी और एक स्माइल देकर चली गयी. उसके बाद हमारे बीच सेक्स चैट शुरू हो गयी। हम देर रात तक एक दूसरे से बात करने लगे. उसके बाद हम दोनों घूमने जाने लगे कभी पार्क तो कभी मूवी देखने जाते! मैं मौका देखकर उसको किस कर देता, वो भी उसका पूरा जवाब देती.

कुछ दिन तक हम दोनों ऐसे ही मिलते रहे. अब हम दोनों के दिल में आग लगी हुई थी और चुदाई का सही मौका ढूंढने लगे.
फिर एक दिन उसका मैसेज आया कि आज उसके घर कोई नहीं है, सभी घर वाले एक रिश्तेदार की बेटी की शादी में जा रहे हैं और उसने बीमारी का बहाना करके शादी में जाने से मना कर दिया. तो मैं यह सुनकर बहुत खुश हुआ.

और सुबह करीब 11 बजे उसके घकर पहुँचा.

जब उसने दरवाजा खोला तो उसे देखकर मैं बिल्कुल अपना होश खो बैठा. वो मुझे देखकर बस मुस्करा रही थी.
फिर अंदर जाते ही मैंने उसे पकड़ लिया.
उसने कहा- थोड़ा सब्र तो करो!
मैंने उससे कहा- यार, अब इन्तजार नहीं होता तुम बस मेरी हो जाओ!
फिर उसने मुझे कहा- बस 5 मिनट में मैं फ्रेश होकर आती हूँ.

जैसे ही वो बाथरूम से निकली, उसे देखते ही मेरा लंड सलामी देने लगा. उसके भीगे हुए बाल … कातिल चेहरा … मानो अब और कुछ बचा ही न देखने को।
कुछ देर तो मुझे ये भी नहीं पता था कि आखिर हो क्या रहा है.

कुछ पल बाद वो मेरे पास आई तो मुझे होश आया. मैंने उसे झट से पकड़ा और किस करने लगा. उसने वाइट कलर का टॉप और ब्लैक कलर की जीन्स पहन रखी थी।
कसम से क्या लग रही थी!
फिर उसने मुझे कहा- रुको जरा … मैं दरवाजा बंद कर देती हूँ.

उसके वापस आते ही मैंने उसे गोद में उठाया और सीधा उसके बैडरूम में ले गया और किस करने लगा. वो भी रेस्पॉन्स देने लगी।
सुचेता ने कहा- यार, मुझे कुछ हो रहा है।
उसकी बात सुनकर मैंने कहा- आज जो होना है, होने दो!
फिर वो मुस्करायी, मैंने झट से उसका टॉप उतारा और उसके बूब्स को चूसने लगा.

वो बस मजे ले रही थी ‘अअअअ ईईई ऊऊ उम्म उम्म सीसी सी …’ वो मेरा सिर जोर से अपने वक्ष में दबाने लगी और बोलने लगी- जानू … और जोर से चूसो इनको! मुझे बहुत मजा आ रहा है. फिर मैंने उसकी ब्रा को खोल दिया और जोर जोर से चूसने लगा. फिर उसने पैन्ट के अंदर से ही मेरा लंड पकड़ा और उसे मसलने लगी. फिर मैंने उसकी जीन्स को भी उतार दिया और पेंटी के ऊपर से रगड़ने लगा.

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