मेरी पड़ोसन के सेक्सी कूल्हे

padosan ke sexy kulhe हैल्लो दोस्तों, Antarvasna मैंने आज तक बहुत सारी सेक्स स्टोरी पढ़ी है और उनमें बहुत ही थोड़ी रियल स्टोरी होगी। में आज आपको मेरी एक बात बताने जा रहा हूँ, जो सिर्फ़ मुझे और शीतल को ही पता है। शीतल मेरे पड़ोस में रहती थी, जब वो अपनी फेमिली के साथ यहाँ रहने आई थी, तब में 18 साल का था और फर्स्ट ईयर में पढ़ता था। शीतल मुझसे 6 साल बड़ी थी और वो एम.एस.सी फाइनल ईयर में थी, वो 24 साल की थी। अब थोड़े ही दिनों में उसकी फेमिली हमारे साथ घुलमिल गयी थी। शीतल भी हमारे घर रोज आया करती थी। मेरे कज़िन ब्रदर और सिस्टर छुट्टी के दिनों में हमारे घर आए थे और में कज़िन और शीतल रोज केरम और पत्ते खेलते थे। फिर एक दिन मेरे घरवाले शादी के लिए दूसरे शहर चले गये थे। तब में और मेरा कज़िन दोनों ही घर पर अकेले थे। शीतल ने माँ से कहा था कि वो हमारा ख्याल रखेगी और खाना भी बना देगी।

फिर वो रात में मेरे घर आई और बोली कि आज रात में यहाँ पर ही रुकना चाहती हूँ, हम बहुत सारी बातें करेंगे और तुम मुझे कंप्यूटर के बारे में थोड़ी जानकारी देना। तब मैंने खुश होकर कहा कि हाँ शीतल आज हम बहुत सारी बातें करेंगे और मस्ती करेंगे। तब उसने कहा कि अभी प्लीज मुझे खाना बनाने में थोड़ी सी मदद कर दो। अब में रसोई में उसे मदद करने लगा था, वो नाइटी में बहुत ही सेक्सी लग रही थी, उसका फिगर साईज 34-26-36 था, उसने उसके लंबे बाल खुले छोड़े हुए थे। फिर जब वो आटा लगाने लगी तो तब शीतल के बाल उसके चेहरे पर आ गये। तब उसने मुझसे कहा कि अभी प्लीज मेरे बालों को सवार दो। तब मैंने चान्स देखकर उसके बाल ठीक करते टाईम उसकी बॉडी को टच कर लिया।

फिर तब वो मेरी तरफ देखते हुए मुस्कुरा दी और बोली कि तुम तुम्हारी बीवी को बहुत खुश रखोगे, क्योंकि तुम रसोई में बहुत अच्छी तरह मदद करते हो। तब मैंने कहा कि शीतल अगर मुझे तुम्हारी जैसी बीवी मिली तो में रोज पूरा खाना पका दूँगा। तब उसने मेरी तरफ घूरकर देखा। अब उसकी आँखों में अलग सी नज़ाकत थी। फिर उसने मुझसे पूछा कि क्यों मुझमें ऐसी क्या खास बात है? तब मैंने कहा कि तुम बहुत सेक्सी और ब्यूटिफुल लड़की हो। तब वो गुस्से में मुझसे बोली कि चलो बातें बहुत हो गयी, अब खाना खाने चलो तो में चुप रह गया। फिर बाद में खाना होने के बाद में, मेरा कज़िन ओर शीतल बातें करने बैठे थे। फिर मैंने कॉलेज के झगड़े के बारे में उन्हें बताया और फिर मैंने एक लड़के को कैसे पीटा? यह बताया। तब मेरे कज़िन ने मुझसे कहा कि भैया आपमें कितनी ताकत है? आप दिखाओ, क्या आप मुझे एक हाथ से उठा सकते है?

फिर तब मैंने कहा कि क्यों नहीं? अभी दिखाता हूँ। फिर मैंने उसको एक ही हाथ में उठाकर दिखाया। तब शीतल हंसकर बोली कि अभी वो तो छोटा बच्चा है, अगर तुम मुझे उठा सकते हो अपने दोनों हाथों से, तो में सच मानूंगी। फिर तब में आगे बढ़ा और उसको सामने से उठा लिया। तब उसके मुँह से आवाज निकली श अभी में गिर जाउंगी। अब मेरा चेहरा उसके बूब्स में दबा था, आज पहली बार मुझे किसी लड़की के शरीर के इतने पास जाने का मौका मिला था। फिर मैंने उसको और कसकर पकड़ लिया और उसके सॉफ्ट और मखमली बूब्स का मज़ा लिया। तभी एकदम से हमारा बैलेन्स बिगड़ गया और फिर हम सोफे पर जाकर गिर गये। अब में शीतल के ऊपर गिरा था। अब मेरा पूरा वजन उसके ऊपर था। अब उसके गाउन के बटन मेरी शर्ट में उलझ गये थे। फिर 1 मिनट तक हम वैसे ही पड़े रहे।

अब शीतल भी बहुत उत्तेजित हो गयी थी और अब उसकी छाती ज़ोर-जोर से धड़क रही थी। अब में उसकी गर्म सांसे महसूस कर सकता था। अब मैंने अपना एक हाथ उसकी टाईट जांघो पर रख दिया था। तब मेरा लंड खड़ा हो गया और अब शीतल को भी उसका अहसास हो गया था। फिर जब उसको मेरे कजिन का ख्याल आया तो तब वो बोली कि अभी में मर जाऊंगी, प्लीज जल्दी उठो और फिर वो अपने गाउन के बटन छुड़ाने की कोशिश करने लगी। अब उसके 3-4 बटन खुल गये थे, तब मैंने उसके 34 साईज के बूब्स देखे। अब में अपने होश खो गया था। फिर बाद में हम वहाँ से उठे। अब मेरा कज़िन सोने के लिए चला गया था। अब में और शीतल मेरे रूम में कंप्यूटर चालू करके बैठ गये थे। अब कुछ देर तक हम दोनों चुप थे। अब वो मेरी तरफ अलग ही नजर से देख रही थी और में उससे आखें नहीं मिला पा रहा था।

फिर शीतल मेरे पास सरककर बैठ गयी और बोली कि अभी क्या तुम किसी लड़की को चाहते हो? तो तब मैंने कहा कि नहीं। तब उसने उसका हाथ मेरी जांघो पर रखते हुए पूछा कि मुझे भी नहीं अभी? तो तब मैंने कहा कि हाँ शीतल में तुम्हें बहुत पसंद करता हूँ, लेकिन तुम मुझसे बड़ी हो इसलिए हम शादी नहीं कर सकते है। तब उसने मुझे अपनी बाँहों में भर लिया और फिर मैंने उसके लाल और गर्म होंठ मेरे होंठो पर रख दिए। तब उसने कहा कि अरे पागल हम शादी नहीं कर सकते, लेकिन वो सब कर सकते है जो एक पति पत्नी शादी के बाद करते है। फिर तब मैंने पूछा कि शीतल क्या यह अच्छी बात है? तो तब उसने मुझसे कहा कि इसमें कोई बुरी बात नहीं है। अब में थोड़ा सा शर्मा रहा था। तब वो बोली कि श मुझे तुम्हारा शरमाना बहुत अच्छा लगता है, लेकिन क्या सारी रात ऐसे ही गुजारनी है या कुछ करना भी है? तो तब मेरी हिम्मत बढ़ गयी और फिर मैंने दरवाजा बंद किया और शीतल को अपनी बाँहों में भर लिया। फिर मैंने उसके पूरे बदन को किस करना शुरू कर दिया। अब में उसके दोनों बूब्स को बाहर से ही मसल रहा था। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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