पड़ोसन आंटी की गर्म चुदाई

मैंने फिर से एक और झटका मारा, तो मेरा पूरा का पूरा लंड आंटी की चूत में चला गया. वो एकदम से जोर से चिल्लाने लगीं कि आह साले फाड़ दी मेरी चूत … आराम से कर मादरचोद … बहुत दिनों से चुदी नहीं हूँ.

आंटी की चुदाई का सिलसिला शुरू हो गया. मैं उनकी धकापेल चुदाई करने लगा. आंटी की चूत में अब मेरा लौड़ा ने जगह बना ली थी और धीरे धीरे आंटी भी अब अपनी गांड उठा उठा कर चुदाई का मजा ले रही थीं ‘आह आह … उम्म्म … उफ़फ्फ़ … फक फक … ऊऊऊईइ माँ … आहह्ह्ह ऊह्ह्ह स्सस्सीई … आज तो मज़ा आ गया..’

मैं आंटी की चूत की चुदाई में मस्त था. दस मिनट तक की चुदाई के बाद आंटी झड़ने लगीं. आंटी बोलीं- तू तो बहुत मस्त चुदाई करता है … और चोद … चोद मुझे … आहह … अहहा … अहह … अहह … उम्म्म्म … उफफ्फ़ … आहह..
पूरा बेडरूम आंटी की मादक सिसकारियों से गूँज रहा था.

कुछ मिनट की और चुदाई के बाद मेरा भी झड़ने वाला था. मैं आंटी से बोला- मैं झड़ने वाला हूँ.
आंटी बोलीं- तो अन्दर ही झाड़ दे, मेरा भी होने वाला है.

मैं और ज़ोर ज़ोर से चुदाई करने लगा. थोड़ी देर बाद उनका भी पानी निकल गया और मैंने भी अपना माल उनकी चूत में ही गिरा दिया. मैं उनके ऊपर ही लेट गया.

उस दिन मैंने उनको दो बार और चोदा. वो तो जैसे मेरे लंड की दीवानी ही हो गयी थीं.
उसके बाद मैं अपने घर वापिस आ गया.

और अब हमें जब भी मौका मिलता है, हम दोनों चुदाई कर लेते हैं.

उसके बाद मैंने उनकी गांड भी मारी. वो मैं अगली बार बताऊँगा कि कैसे मैंने उनकी गांड मारी. अञ्जलि की जवानी का रस भी मुझे चखना है और इसके लिए आंटी ने कैसे मुझे इजाजत दी, इस सबका बखान भी जल्द ही करूंगा.

आप सभी को मेरी चुदाई की कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करके जरूर बताएं.

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