नर्स सेक्स स्टोरी: गदर माल

अन्तर्वासना के सभी पाठकों और पाठिकाओं को सुन्दर सिंह का नमस्कार। मैं लगभग 6 महीने से अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। यहाँ की कहानियाँ पढ़कर मुझे लगा कि मैं भी अपनी आप बीती घटनाएं यहाँ बता सकता हूँ। मित्रो, यह मेरी पहली कहानी है, कहानी की सभी घटनाएं सत्य हैं, केवल महिला पात्रों के नाम जरूर बदल दिए हैं क्योंकि मैं समझता हूँ शारीरिक सम्बन्ध और सुख अपनी जगह हैं और महिला का सम्मान अपनी जगह जिसको धूमिल नहीं किया जाना चाहिए।

मेरा नाम सुन्दर सिंह है, मैं ब्रजघाट (गढ़मुक्तेश्वर) जनपद हापुड़, उत्तरप्रदेश में रहता हूँ। मेरी लम्बाई 5 फुट 6 इंच है यानि न ज्यादा न कम रंग गोरा है। मेरे लंड का साइज़ 6 इंच है और गोलाई मैंने कभी नापी नहीं लेकिन लगभग 2 से 2.5 इंच के लगभग होगी।

वर्तमान में मैं एक अध्यापक हूँ लेकिन आज से 7 साल पहले दिल्ली के एक बहुत बड़े अस्पताल में बिलिंग विभाग में काम करता था। यह घटना तभी की है और यह मेरे जीवन की पहली सेक्सुअल बहुत ही प्यारी घटना थी.

उसके बाद कई और ऐसी सेक्सी घटनाएँ हुईं, यदि आपका प्यार मिला तो उनके बारे में भी बताऊंगा।

उस समय अस्पताल में मेरा प्रमोशन हुआ था और मुझे नाईट वैलीडेटर बना दिया गया था जिसके अनुसार मुझे लगातार तीन रात शाम 8 से सुबह 8 तक ड्यूटी करनी होती थी और उसके बाद लगातार दो दिन छुट्टी होती थी। दिन में तो अस्पताल में बहुत से अधिकारी रहते थे लेकिन रात के समय कोई नहीं रहता था। रात को नाईट वैलीडेटर ही सबसे बड़ा अधिकारी होता था।
मैंने अपना केबिन 9वीं मंजिल पर बनवाया था क्यूंकि 9 मेरा लकी नंबर है।

हर फ्लोर पर दो नर्सिंग स्टेशन हुआ करते थे ए और बी। मेरी केबिन नर्सिंग स्टेशन ए के पीछे थी। मुझे नाईट ड्यूटी की कोई आदत तो थी नहीं तो शुरू शुरू में बहुत दिक्कत होती थी। मैंने उसका उपाय सोचा और खाली समय में एक एडल्ट वेबसाइट से सेक्सी सेक्सी फोटो और वीडियो देखने लगा।

कुछ दिन बाद उसी नर्सिंग स्टेशन पर एक सीनियर नर्स रोजी की नाईट ड्यूटी लगी. उन लोगों की भी नाईट हमारे जैसे ही होती थी 3 नाईट उसके बाद 2 छुट्टी। पहली रात तो मैं नर्स रोजी को देखता ही रहा क्या गदर माल थी। यूं तो हम पहले भी मिल चुके थे जब मैं दिन में ड्यूटी करता था. लेकिन दिन में मरीजों के तीमारदारों को बिल समझाना और बनाने का इतना काम होता था कि कभी गौर ही नहीं किया।

आज पहली बार तसल्ली से उसको देख रहा था ऊपर वाले ने उस नर्स कितनी फुर्सत से बनाया होगा … सेक्स की साक्षात मूरत लग रही थी।
गोल गोरा चेहरा, छरहरा सेक्सी बदन … उस समय तक मुझे फिगर की कोई समझ नहीं थी, बस लड़कियों, भाभियों को और आंटियों देखकर इतना पता चलता था कि कौन आते हुए अच्छी लगती थी कौन जाते हुए अच्छी लगती थी और कौन आते जाते दोनों तरफ से अच्छी लगती थी। बाद में उसने अपना फिगर बताया था जो आपको आगे कहानी में पता चलेगा। अभी तो इतना कहूँगा कि वो आती हुई और जाती हुई दोनों तरफ से मस्त लगती थी।
बड़ी बड़ी नशीली कजरारी आँखें जो मदहोश करे जातीं थीं। हंसती थी तो दोनों गालों पर डिम्पल पड़ जाते थे।

नर्सों को बार बार मरीजों के पास जाना पड़ता है तो वो भी बार बार आ जा रही थी और मैं उसके मम्मे और ठुमकती हुयी गांड को देख रहा था। उसके मम्मे ऐसा लग रहा था मानो अपने आप पर गर्व महसूस करके तने हुए थे. और उसकी ठुमकती हुई गांड जैसे मुझे बुला रही हो कि आ जाओ और पकड़ लो मुझे।

कभी कभी हमारी नज़र टकरा जाती तो वो मुस्कुरा देती थी. मुझे लगता जैसे मेरी चोरी पकड़ी गयी हो और मैं अपनी नजरें घुमा लेता था।

ऐसे ही देखते देखते न जाने कब पूरी रात निकल गई पता ही नहीं चला. उस दिन मैंने कंप्यूटर पर कोई सेक्सी फोटो नहीं देखी। ड्यूटी ख़त्म करके मैं अपने कमरे पर आ गया और उसके बारे सोच सोचकर मुट्ठ मारकर सो गया।

अगली शाम जब ऑफिस जा रहा था तो सोच रहा था कैसे उसको पटाऊँ। जैसे ही मैं पहुंचा तो सबसे पहले यूनिफार्म लेकर चेंजिंग रूम की तरफ जा रहा था कि अचानक सामने से वो नर्स रोजी आती हुयी दिखाई दी. सफ़ेद टॉप और ब्लैक जींस में वो क़यामत लग रही थी. मन किया अभी जाकर बांहों में भरकर किस कर लूं लेकिन अपने जज्बातों को अपने अन्दर दफ़न करके मैं उसे आते हुए देखता रहा.

उसने मेरी तरफ देखा और मुस्कुरा दी. बदले में मैं भी मुस्कुरा दिया। उसने भी अपनी यूनिफार्म ली और चेंजिंग रूम की तरफ चली गयी. मैं उसको लहराती गांड को देखता रहा।
जब वो चेंजिंग रूम में चली गयी तब मैं भी अपने चेंजिंग रूम में गया। मैं बस यही सोच रहा था कैसे उससे बात शुरू की जाए।

Pages: 1 2 3 4 5

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published. Required fields are marked *