मयूरी, मेरी गर्लफ्रेंड

हेल्लो फ्रेंड्स, कामुकता, मस्तराम कहानी, हिंदी चुदाई कहानी और अन्तर्वासना के दुनिया में आपका स्वागत है.. मेरा नाम श्वेतांक है। ये मेरी पहली स्टोरी है और सच्ची है लेकिन ये आपके ऊपर है आप कहा मानते हैं । मेरी हाइट 5’6″ है ।मैं बनारस में रह कर पढाई करता हूं ।

ये जो बात मैं आपको बताने जा रहा हूं ये मेरी पहली गर्लफ्रेंड मयूरी के साथ हुई है और चार साल पहले की है । वो मेरे गाँव से ही थी उसकी माँ की डेथ हो गई थी और उसके फादर ने दूसरी शादी कर ली थी । इसीलिए वो वहां कभी कभी ही आती थी । एक बार मैं मैं अपने गाँव गया हुआ था तो वो वहां मिल गई । मैंने उसके बारे में पूछा तो उसने बताया कि वो भी बनारस ही है ।

उसके बाद वो चली गई और मैंने भी ज्यादा ध्यान नहीं दिया । एक दिन मुझे उसके नंबर से मुझे मैसेज आया । मुझे नहीं पता था कि वही थी । फिर धीरे धीरे हमारी बात शुरू हुई । जो बनारस रहते हैं वो जानते हैं कि घाट शाम के टाइम मिलने के लिए बहुत अच्छी जगह है । हम भी वहां जाकर घंटो मिलते और बात करते ।

एक बार हम लोग घाट के उस पार गए । शाम हो गई थी ठण्ड भी बढ़ गई थी । नाव वाला बोला की आप लोग आधे घंटे में आ जाना । सभी लोग उतर कर रेत पर चलने लगे । हम लोग भी थोड़ी दूर आये । मैंने उसका हाथ पकड़ा हुआ था । उसको शरारत सूझी और वो दौड़ने लगी । मैंने भी उसको जाके पीछे से पकड़ लिया और पीछे से उसके गालों पर अपने गाल रगड़ने लगा । उसने मुझे आगे आकर हग कर लिया ।

मैंने उसका चेहरा अपने हाथ में लिया और उसके होंठो पर किस कर लिया उसकी आंखें बंद हो गई थी ।मैं किस करना बंद नही किया । फिर हम दोनों वापस आ गए। वो अकेले ही रूम लेकर रहती थी। वो घर किसी आर्मी अफसर का था उसने घर को लेकर छोड़ दिया था।

मयूरी की बुआ ने उसके लिए ये रूम किराये पर लिया था ताकि उसको कोई दिक्कत न हो । वो दिसम्बर का महीना था और वो घर से आयी तो कॉल करके बोली की मेरा सामान ज्यादा है आ जाओ । मैं उसका सामान लेके रूम पर गया । मस्त घर था वो सब कुछ एकदम सही था । जब सब काम खत्म हुआ तो मैं वापस जाने को बोल कर लौट आया । रास्ते में ही था कि उसका मैसज आया की आज यही रूक जाओ ।

मैं जितनी तेजी से वापस आया था उतनी तेजी से वापस लौट गया उसके घर ।

ठंडी में रात भी जल्दी हो जाती है । उसने खाना बनाया और हम खा कर उसके रूम में सोने के लिए गए ।

रूम में डबल बेड लगा हुआ था ।

मुझे बाद में पता चला आई उसकी बॉडी में पैंक्रियाज ही नहीं था । ये बात मुझे तब पता चली जब उसने मेरे सामने अपने पेट में खुद से इन्सुलिन का इंजेक्शन लगाया । मेरी तो देखकर ही हालात खराब थी ।

उसने बताया कि दर्द नहीं होता है । नार्मल है अब तो ।

मैंने कहा कि ठण्ड बहुत है कपडे पहन लो तो वो बोली की दवा की वजह से बहुत गर्मी होती है ।

मैंने कहा कि सो जाओ और मैं भी सोने की कोशिश करने लगा । कुछ देर उसने अपना हाथ मेरे कंधे पर रखा तो मैं उसकी तरफ घूम गया । वो अजीब सी नज़रों से मुझे देख रही थी । मैं कुछ कहता इससे पहले ही वो मेरे ऊपर आ गई और मुझे जोर जोर से किस करने लगी । वो पहली बार किस कर रही थी और लग रहा था कि मेरे लिप्स को पूरा खा जायेगी ।

वो थोड़ी मोटी थी और उसकी चूचियाँ 30″ साइज की थी । उसकी गांड थोड़ी बड़ी थी और बाहर की ओर निकली हुई थी । मैंने उसके कपड़े निकाले । काली ब्रा और काली पैंटी । उसने हाथ पीछे ले जाकर अपनी ब्रा खोली और उसकी टाइट चूचियाँ बाहर आ गई । मैंने अपने कपडे निकाले । उसकी चूचियाँ मेरे सीने में दबी हुई थी । वो मेरे लिप्स को खा रही थी और मैंने अपने हाथ उसके चूतड़ों पर ले जाकर उन्हें दबाना शुरू किया । उसकी पैंटी को पैर में फसाकर नीचे खीच कर निकाल दी ।

मैंने उसको नीचे किया और मैं ऊपर आ गया और अपना अंडरवियर निकल दिया । अब मेरा लण्ड उसकी चूत पर दब गया था । उसके पैर अपने आप खुल गए लेकिन मेरा अभी चोदने का कोई मूड नहीं था । मैं उसकी चूत को देखने लगा । पूरी तरह साफ़ और फूली हुई बस एक लकीर दिख रही थी । मैंने सोचा की इतने दिन से बाहर है चूदी जरूर होगी लेकिन देख कर लगा की आज कुंवारी चूत की सील तोड़ने को मिलेगी । जब मैं हटा तो वो मुझे देखने लगी तो मैंने अपने लण्ड की ओर इशारा किया ।

मेरे लण्ड की लंबाई साढ़े 5 इंच होगी । वो उसे हाथ में लेकर हिलाने लगी और मैं उसकी चूचियाँ दबाने लगी ।मैंने उसको मुह में लेने को कहा । उसने बिना देरी किये उसे चूसना शुरू कर दिया । मुझे लगा की मैं इसके मुह में ही झड़ जाऊंगा और हुआ भी ऐसा ही लेकिन उसने मेरा माल बहार नहीं थूका पूरा का पूरा गटक गई।

मैं बेड पर पड़ गया और उसकी चूत के लिप्स के बीच में ऊँगली ले जाकर ऊपर नीचे करने लगा । उसके मुंह से सिसकारियां निकलने लगी । मैंने अपने बीच वाली ऊँगली उसकी चूत में घुसा दी। उसकी चूत बहुत ज्यादा गीली थी । मेरी आधी ऊँगली अंदर गई । वो चिहुंक गई । मैंने तेजी से आगे पीछे करना शुरू कर दिया मैंने उसे किस करना शुरू किया और कुछ देर बाद उसने अपने पैर सीधे किये । उसकी चूत से ढेर सारा पानी बाहर निकला । वो निढाल हो गई ।

मैं उसे फिर से किस करने लगा । उसने मेरा साथ देना शुरू किया । अब मैं उसके पैरों के बीच में आ गया । उसने अपने आप अपने दोनों पैरों को मोड़ कर ऊपर कर लिया । मैंने अपना लण्ड उसकी चूत पर रखा तभी वो बोली “प्लीज ज़रा आराम से करना ।” मैंने उसकी चूत पर लण्ड दबाया तो सरक गया और उसके मुंह से एक आह निकल गई। मैंने फिर लण्ड सेट किया और चूत को थोड़ा खोल कर धक्का दिया तो मेरा सुपारा अंदर चला गया और उसने मेरे कंधो पर अपने नाख़ून गड़ा दिए लेकिन मना नहीं किया मैंने बिना बहार निकाले एक और धक्का दिया और आधा लौड़ा उसकी चूत में चला गया ।

दर्द के मारे उसकी आँखों से आंसू निकल गए । उसने हाथों से मुझे हटाने की कोशिश की लेकिन मैंने उसके हाथों को पकड़ कर दोनों तरफ बेड पर दबा दिया और बोला क़ि “बस थोड़ा सा दर्द होगा ।पूरा चला जायेगा तो नहीं होगा ” ।मयूरी बोली ” लग रहा है मर जाउंगी प्लीज निकाल लो । मैंने कहा “ठीक है ” । मैं अपना लण्ड निकालने लगा और पूरा लण्ड निकल कर इस बार एक ही झटके पूरा अंदर तक पेल दिया । उसकी आँखें बाहर आ गई । मैंने धक्के जारी रखे और उसकी आँखों से आंसू गिरता रहा ।

लेकिन 5 मिनट के बाद ही उसने अपने पैरो को मेंरे चारो और लपेट दिया और बोली की “जोर जोर से करो बहुत अच्छा लग रहा है और तेज करो “। मैंने भी उसकी चूचियों को दोनों हाथों में पकड़ा और तेज तेज धक्के देने लगा । कुछ देर बाद वो फिर झड़ गई पर मेरा अभी हुआ नहीं था । मैंने उससे पूछा “ऊपर आओगी ”

वो बिना कुछ कहे मुझे नीचे करके ऊपर आ गई और चूत पर लण्ड सेट करके बैठ गई और किसी रंडी की तरह कूदने लगी । उसकी चूचियाँ जबर्दस्त तरीके से हिल रही थी । उसके मुंह से उम्माह आह् ओह आवाज़ें निकल रही थी और वो आँखें बंद करके कूदे जा रही थी । कुछ देर वो थक गई और रुक गई ।

मैंने उसको नीचे फिर से लिटाया और सामने से चोदने लगा । वो अपने लिप्स काटने लगी और अपनी चूचियों को दबाने लगी । मुझे उसे चोदते हुए 25 मिनट हो चुके थे । मैं उससे बोला की मेरा होने वाला है उसने कहा कि अंदर ही डालना । मैं उसकी चूत में ही झड़ गया और एक ओर सो गया ।

उसने मेरी तरफ देखा और मुस्कुराने लगी ।

मैंने पूछा “क्या हुआ “।

तो वो बोली “आज मेरी जान ले लेते । रुकने को बोली तो रुक जाते ।

मैं बोला ” अगर मैं रुक जाता तो इतना मज़ा आता क्या ।”

वो बोली “पहले बहुत दर्द हुआ लेकिन बाद में अच्छा लगा और ये कहकर वो मेरे लण्ड से खेलने लगी।

मैंने कहा ” लगता है कि अभी और मजा लेना है “।

उसने कुछ कहे बिना मुस्कुराते हुए नीछे जाकर लण्ड अपने मुंह में लेकर चूसने लगी । वो जीभ को लण्ड पर ऊपर से नीचे तक चाटते हुए पूरा ऊपर नीचे लेकर मजे में चूस रही थी ।

कुछ देर बाद वो अपनी टांगे फैलाकर लेट गई और मुझे इशारा किया । मैं उनके पैरों के बीच में गया और उसकी चूत देखने लगा । छेद पूरी तरह खुल गया था । मैंने उस पर अपनी जीभ लगाई तो वो सिहर गई और कुछ देर बाद मुझे भी उसका खट्टा स्वाद मजा देने लगा । वो अपने हाथों से मेरा सर अपनी चूत में दबाने लगी ।

कुछ देर बाद वो अपनी कमर को उठाने लगी और आहहहहह आह्हह आहहह करके झडने लगी । कुछ पानी मैंने पिया और अपनी ऊँगली उसकी चूत में डाल दी । चूत वाली ऊँगली उसके मुँह में डाल दी जिसे वो मजे से आंख बंद करके चुसने लगी ।

मैं उसकी चूचियों को दबाने लगा तो वो बोली “करो ना”।

मैंने कहा कि पीछे घूम जाओ तो वो डर कर बोली -“मैं गांड नहीं मारवाऊंगी”।

मुझे हंसी आ गई और मैं बोला की चुत में ही डालूंगा ।वो घूम गई और घुटने के बल हो गई । मैं उसकी गांड देखी । एकदम कसी हुई लग रही थी । मैं गांड पर लण्ड रखा तो वो बोली-“आज नहीं कभी और कर लेना” ईसमें तो मैंने कहा कि-ठीक है ।

मैंने लण्ड चुत पर सेट किया और एक ही झटके मे पूरा अंदर कर दिया । उसके मुँह से एक सिसकारी निकल गई । नीचे उसकी बडी बड़ी चूचियाँ झूल रही थी । वो मजे से सिसकारी ले रही थी । मैने अपना अंगूठा उसकी गांड में डाल दी । वो मुस्कुरा के पीछे देख बोली ” मानोगे नहीं “।

मैं भी मुस्कुरा दिया और अंगूठे को अंदर बाहर करने लगा । उसकी गांड बहुत टाइट थी।

वो थक गई और पेट के बल सो गई । मैंने उसके पेट के नीचे तकिया लगाया तो उसकी चुत बाहर आ गई।

मैंने पीछे से अपना लण्ड उसकी चुत में डाल दिया ।

वो हर धक्के के साथ बहुत ही मादक सी आवाज़ें निकल रही थी । वो आवाज़ें सुन के मेरा जोश बढ़ता जा रहा था । मैंने अपने धक्कों की स्पीड और तेज कर दी । वो और तेज तेज से आवाज़ें निकलने लगी एयर झड़ गई ।

कुछ देर बाद मैं भी उसकी चुत में ही झड़ने लगा । मैं उसकी बगल में आके सो गया । वो उसी तरह पड़ी थी । मैंने उसको सीधा किया और उसको किस कर लिया । उसने सोते हुए ही मुझे हग कर लिया ।

कुछ देर बाद वो बाथरूम जाने लगी और उसके चलने से उनकी गांड बहुत ही लयबद्ध तरीके से ऊपर नीचे हो रही थी । पर अफ़सोस उस दिन मैं उसका उद्घाटन नहीं कर पाया ।दिन हमने 2 बार और चुदाई की ।

उसकी गांड मारने का मौका मुझे 1 हफ्ते बाद मिला पर वो कहानी फिर कभी।

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