मौसी की चूत ने की मेरे लंड की खूब सेवा

mausi ki choot ki chudai हाय फ्रेंड्स, मेरा antarvasna नाम राकेश है और मैं दिल्ली से हूँ मेरी उम्र 26 साल है और आप सभी कामलीला डॉट कॉम पर सेक्स कहानियों को पढ़कर उनके मज़े लेने वालों का सच्चा पाठक हूँ और मैं भी आप सभी की तरह बहुत लम्बे समय से कामलीला डॉट कॉम की कहानियों को पढ़कर इनके खूब मजे और चूत मारता आ रहा हूँ। दोस्तों मैं दिखने में एक जवान और एकदम सेक्सी लड़का हूँ और मेरा लंड किसी भी फड़फड़ाती, प्यासी तरसती हुई चूत को तबियत से चोदने के लिये काफ़ी है। दोस्तों यह कहानी मेरी मौसी और मेरे बीच हुई घमासान चुदाई की है जिसमें मैंने अपनी मौसी की चूत को पूरी तरह से चोदकर उनकी चूत को फाड़ दिया था तो दोस्तों अब ज्यादा समय खराब ना करते हुए सीधा चूत लंड की लड़ाई पर आते है।

दोस्तों पता नहीं क्यों मुझसे सेक्सी औरत को देखकर कंट्रोल नहीं होता था वैसे यह सब नॉर्मल बात है मेरी उम्र के लड़को के लिए, खैर मेरी सेक्स की चाहत पूरी हो गयी जल्दी ही। मैं उन दिनों अकेला था तो अपनी मम्मी की एक बहन यानि मेरी मौसी के वहां गया था मम्मी के कहने पर, दोपहर का समय था और वो घर पर अपनी दो बेटियों के साथ थी मौसी का नाम मधु था और उम्र 40 साल, फिगर 36-34-38 बहुत ही सेक्सी औरत थी गोरी और एकदम साफ कलर की, जिसे देखते ही लंड खड़ा हो जाये। उनके पति 45 के आस पास होंगे और मौसी ने मुझे बाद में बताया था की वो उसे चोदते भी नहीं थे ज़्यादा, खैर मेरे लक के लिए शायद यही चीज़ काम कर गयी। उन दिनों मेरी सेक्स की भूख इतनी ज़्यादा हो गयी थी की मुझे मूठ मारने से भी संतुष्टी नहीं मिलती थी मैं मौसी के यहाँ गया और उनको मिलकर मेरे मन में अचानक उन्हें चोदने के ख्याल आने लगे, मैंने खाना खाया उनके घर और हम सबने थोड़ी देर बातें करी बातों ही बातों में मैं मौसी के बूब्स की तरफ देखे ही जा रहा था और यह बात उन्होंने काफ़ी बार नोटीस भी की थी, उन्होंने सलवार कमीज़ पहनी थी और गर्मियो के कारण घर में चुन्नी नहीं डाली थी, वैसे भी वो मुझे बच्चे की तरह ही देख रही थी और मेरे दिमाग़ में सेक्स का भूत सवार था। कुछ देर बातें करने के बाद उनकी दोनों बेटियाँ कोचिंग के लिए चली गयी मैंने पूछा तो बोली दो घंटे की क्लास है कोचिंग में, मैं प्लान बनाने लगा उनके जाते ही मौसी मुझे बोली थोड़ा आराम कर ले मैं उनके कमरे में ही लेट गया और वो अपने काम में लग गयी, थोड़ी देर बाद मुझे तेज़ पेशाब आया और मैं उठकर के चला गया बाथरूम की ओर मौसी के यहाँ वैसे तो दो टॉयलेट थे लेकिन एक में काम चल रहा था तो टाइल्स टूटी हुई थी तो उन्होंने वह टॉयलेट बंद कर रखा था मैं टॉयलेट गया और लंड निकालकर के पेशाब करने लगा टॉयलेट के शीशे में लंड को देख रहा था अचानक मैंने टब में गंदे कपड़े देखे, मेरी नज़र मौसी की पेंटी पर गयी मैं उसे निकालकर के सूंघने लगा जिससे मेरा लंड और टाइट हो गया और मैं मूठ मारने लगा मौसी के नाम की, मैंने टॉयलेट का दरवाज़ा बंद नहीं किया था और अचानक से दरवाज़ा खुला और मौसी अंदर आ गयी वो नहीं जानती थी की मैं अंदर हूँ मैं अपने लंड को हिला रहा था आखें बंद करके अचानक तेज आवाज़ से मैं घबरा गया और देखा तो मौसी एक मिनट तो मेरे लंड को देखती ही रह गयी लेकिन फिर सॉरी सॉरी कहते हुए बाहर चली गयी मैंने सोचा आज मूठ नहीं इनकी चूत ही मारूँगा मैं उनके पीछे भागा लंड बिना जीन्स में वापिस डाले ही मैंने अचानक से उनको पीछे से पकड़ लिया और वो बोली पागल हो गया क्या।

मैं तेरी मौसी हूँ अंदर कर इसको और छोड़ मुझे मैं कहा मानने वाला था सेक्स का भूत था मुझपर। मैं उनको पीछे से ही टाइट तरीके से पकड़कर बोला मौसी आई.लव.यू. तुम बहुत सेक्सी हो, वो मुझसे छुटने की कोशिश करती रही और मैं उनको दोनों हाथों से टाइट करके पकड़ लेता था, शायद उन्हें भी मज़ा आ रहा होगा मेरे लंड के दबाव से लेकिन वो गुस्से में थी मैंने उन्हें बोला मौसी मैं एक जवान लड़का हूँ और आप एक सेक्सी औरत, क्या बुराई है अगर हम सेक्स कर ले तो, वो बोली नहीं यह पाप है मैं उन्हें मनाता रहा मैंने उनके बूब्स दबाने शुरू किए पीछे से ही। अब वो अपना ग़ुस्सा कुछ कम कर चुकी थी मैंने उनको बोला यह राज, राज ही रहेगा और कभी भी इसकी भनक किसी को भी नहीं लगेगी तब भी वो हाँ नहीं बोली लेकिन अचानक बाहर की तरफ चली गयी मैं उनके कमरे के बेड पर बैठकर मूठ मार रहा था अब 2 मिनट बाद वो आई दरवाज़ा बंद किया और अलमारी की तरफ कुछ निकालने लगी मैं पूरी जीन्स नीचे से उतारकर उनकी तरफ गया और उनका मुहँ पकड़कर सीधा किस करने लगा, वो अब मना ना करते हुए मेरे साथ देने लगी मैं उनको चूमने लगा और पागल हो रहा था उनके होंठ चूसता रहा 10 मिनट तक, वो अब गरम होने लगी मैंने उनकी कमीज़ निकाली और बूब्स दबाने लगा, बड़े बड़े बूब्स मस्त लग रहे थे मैं ब्रा का हुक खोलकर निप्पल पर टूट पड़ा उन्हें खींचकर बेड की और धकेल दिया और ऊपर बैठकर उनके बूब्स नोचता रहा वो आह. इउईइ. की आवाज़े कर रही थी कह रही थी धीरे राकेश, मैं 10-15 मिनट उनके बूब्स को चूसता रहा अब मैंने नीचे आते हुए उनकी टुंडी को चाटना शुरू किया वो बहुत गरम हो गयी थी मेरे लंड पर हाथ लगा रही थी बार बार, मैं उनकी सलवार का नाडा खोलने लगा तो वो मेरा साथ देते हुए खुद की ही खोलने लगी, मैंने पेंटी के ऊपर से ही चूत पर हाथ मारा वो अब बिल्कुल तैयार थी चुदाई के लिए, चूत पर गीलापन लगा मुझे। मैंने उनकी पेंटी भी उतार दी अब वो बिल्कुल नंगी मेरे सामने थी मैं तो पागल सा हो गया था मैं चूत को चाटने लग गया जैसा अक्सर पॉर्न फिल्मों में देखा था मैं कुत्ते की तरह चूत को चाट रहा था और वो सिसकियां भरती जा रही थी पूरे कमरे में अब उनकी आवाज़े भर गयी थी मैं तो चूत की खुश्बू से ही पागल हो गया क्यूंकी एक तो मेरा चूत चाटने का पहला समय था। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

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