मैडम की मदमस्त गांड

antarvasna, hindi sex stories मैं लखनऊ के कॉलेज में एक कैंटीन चलाता हूं यह कैंटीन चलाते हुए मुझे दो वर्ष हो चुके हैं इन दो वर्षों में मुझे कॉलेज के लगभग सारे बच्चे पहचानते हैं और वह सब लोग मुझे रेमी कह कर बुलाते हैं, मैंने उनसे पूछा तुम लोग मुझे रेमी क्यों बोलते हो? कुछ बच्चों का जवाब था कि सब आपको रेमी कहते हैं इसलिए हम भी आपको रेमी कहते हैं। जब मैंने यह कैंटीन शुरुआत में ली थी तो उस वक्त कॉलेज में एक लड़का था उसने ही मेरा नाम रेमी रख दिया उसके बाद से सब बच्चे मुझे रेमी ही कहते हैं, वैसे मेरा नाम सुरेश है। बच्चों की वजह से ही मेरा काम चलता है इसीलिए मैं उन्हें खुश रखता हूं, कैंटीन चलाने से पहले मैं एक दुकान में काम किया करता था लेकिन वहां के मालिक से मेरी बिल्कुल भी नहीं बनी इसलिए मैंने वहां काम छोड़ दिया, वह मुझे समय पर पैसे भी नहीं देते थे और उसके बाद मुझे ही कहते कि तुम काम अच्छे से नहीं करते हो, उस वक्त मैं काफी परेशान था और तब मेरा दोस्त मुझे मिला और उसने ही मुझे यह कैंटीन दिलवाई, जबसे यह कैंटीन मैं चला रहा हूं उसके बाद से मेरी आर्थिक स्थिति भी काफी अच्छी हो चुकी है और मैं अब पहले से ज्यादा खुश भी हूं।

कॉलेज में कई लड़कों का मेरे कैंटीन में उधार है और एक बार एक लड़के से मैंने कहा कि तुम मेरे पैसे कब दोगे लेकिन वह उल्टा मुझ पर ही भड़क गया और उस वक्त उसने मुझसे बड़ी बदतमीजी से बात की मुझे उसकी बात का बहुत बुरा लगा वहां पर कुछ और लड़के भी बैठे हुए थे वह मेरे पास आए और कहने लगे रेमी भैया क्या हुआ? मैंने उन्हें कहा मैंने इससे पैसे के लिए कहा तो यह मुझ पर ही उल्टा भड़क गया और कहने लगा कौन सा हम आपके पैसे लेकर कहीं चले जाएंगे, उन लड़कों ने भी मेरा साथ दिया और उसे समझाते हुए कहा कि तुम रेमी भैया के पैसे दे दो, उसने कहा कल मैं रेमी भैया के पैसे दे दूंगा। उन लड़कों ने ही मामले को शांत करवाया तभी कुछ देर बाद कमला मैडम भी आ गई, वह मुझसे प्यार से पूछने लगी सुरेश क्या हुआ? मैंने उन्हें जवाब देते हुए कहा मैडम कुछ भी नहीं हुआ। वह कहने लगी कुछ तो हुआ है क्योंकि कैंटीन में काफी शोर शराबा हो रहा था, मैंने उनसे कहा हां मैडम वह एक लड़के ने पैसे देने थे लेकिन वह मुझे कहने लगा कि कौन सा हम आपके पैसे लेकर चले जाएंगे, इस बात पर थोड़ी उससे नोकझोंक हो गई।

कमला मैडम नेचर की बड़ी अच्छी हैं उन्होंने मुझे कहा तुम बच्चों को उधार मत दिया करो, मैंने उनसे कहा मैडम उन्हीं से तो मेरी कैंटीन चलती है यदि मैं उन्हें उधार देना बंद कर दूंगा तो मेरा काम कैसे चलेगा यह कहते हुए वह भी वहां से चली गई और मैं जब घर लौटा तो मेरी पत्नी मुझे कहने लगी आज तुम बहुत देरी से आ रहे हो? मैंने उसे कहा हां रास्ते में एक जरूरी काम पड़ गया था इसलिए आने में थोड़ी देर हो गई। वह कहने लगी मैं तुम्हारा इंतजार कर रही थी और तुम्हारा फोन भी मैं कब से ट्राय कर रही थी लेकिन तुम्हारा फोन लग ही नहीं रहा था मुझे कुछ सामान मंगवाना था, मैंने अपनी पत्नी से कहा मैं अभी ले आता हूं, वह कहने लगी नहीं अब रहने दो अब काफी देर हो चुकी है कल ही तुम वह सामान ले आना। मैंने उससे पूछा क्या कोई जरूरी काम था? वह कहने लगी हां मेरी मम्मी ने किसी के हाथ कुछ सामान भिजवाया था वह सामान उनके घर से लेकर आना था और वह तुम्हारे कॉलेज के पास ही रहते हैं। मैंने कहा ठीक है मैं कल आते वक्त ले आऊंगा उसके बाद मैं बाथरूम में नहाने के लिए चला गया मेरा हमेशा का रुटीन है कि मैं हर रोज कॉलेज से आने के बाद नहाता हूं। अगले दिन जब मैं कॉलेज गया तो उस लड़के ने अगले दिन मुझे पैसे दे दिए थे और वह कहने लगा भैया मेरी आपसे कोई दुश्मनी थोड़ी है जो मैं आपके पैसे लेकर चला जाऊंगा, मैंने उसे कहा अब यह बात तुम रहने दो कोई बात नहीं, मैंने उसे समझाते हुए कहा कि मैं भी घर से कोई इतना बड़ा आदमी नहीं हूं कि सब लोगों को इतना उधार देता रहूं लेकिन तुम लोगों से ही मेरी कैंटीन का काम चलता है इसीलिए मैंने तुमसे कहा था कि तुम मुझे पैसे दे देना, वह कहने लगा रेमी भी कोई बात नहीं आज के बाद आपका जितना भी हिसाब बनता है आप वह मुझे बता दिया कीजिए उसके बाद वह लड़का वहां से चला गया।

कुछ देर बाद कमला मैडम आई और वह कहने लगी सुरेश अभी नाश्ते में कुछ बना हुआ है, मैंने उन्हें कहा हां मैडम नाश्ते में पराठे बने हुए हैं, वह कहने लगी तो मेरे लिए परांठे लगा देना, मैंने उन्हें कहा क्या बात है आज आपने घर पर नाश्ता नहीं किया, वह कहने लगी तुम यह बात ना ही पूछो तो अच्छा है, मुझे कुछ समझ नहीं आया और उस दिन वह काफी परेशान भी लग रही थी, मैंने उनके लिए परांठे लगवा दिए और जब उन्होंने नाश्ता कर लिया तो उसके बाद मैंने उनसे पूछा तो वह कहने लगी आज मेरा घर पर झगड़ा हो गया था इसीलिए मैंने घर में नाश्ता नहीं किया। वह मुझे कहने लगी मेरा घर पर अब बिल्कुल मन नहीं लगता मैंने कमला मैडम से कहा आप तो बड़ी ही अच्छी महिला है लेकिन आपको देखकर मैंने कभी नहीं सोचा था कि आप इतनी परेशान होंगी। वह मुझे कहने लगी सुरेश तुम्हें क्या बताऊं मेरी परेशानी का कारण तो बस इतना ही है मैं अपने पति से कुछ चीजों की मांग करती हूं लेकिन वह मेरी इच्छाओं की पूर्ति नहीं कर पाते मै जब भी उनसे बात करती हूं तो वह मुझे कहते हैं तुम मुझसे इस बारे में बात ना किया करो इसी वजह से हमारे घर में झगड़े होते रहते हैं और इसका असर हमारे निजी जीवन पर पड़ने लगा है। मैंने उनसे पूछा मैडम आपको किस चीज की कमी है। वह कहने लगी तुम्हारी तो शादी हो चुकी है और तुम्हें पता होगा एक औरत को क्या चाहिए होता है। मैं समझ गया उन्हें क्या चाहिए मैंने उनसे कहा मैडम आप इस बारे में अपने पति से बात कीजिए।

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