कुंवारी लड़की को हिल स्टेशन लेजाकर चोदा

सुबह जब हम उठे तो ज्योति से चला भी नहीं जा रहा था। हमने नाश्ता रूम में ही मंगवाया। मैं बाजार से दर्द की दवाई और नारियल तेल की शीशी लेकर आया। मैंने उसे गर्म पानी से चूत धोने के लिए कहा और दर्द की दवाई दी, साथ में तेल से मालिश भी कर दी।

2-3 घंटे के बाद उसका दर्द बिल्कुल कम हो गया और हम एक दूसरे से रोमांस करने लगे और एक दूसरे को बांहों में भरकर चूमने लगे। हम एक दूसरे की जीभ के साथ खेल रहे थे और फ्रेंच किस किये।

फिर हमने मोबाइल में पोर्न मूवी देखी जिसमें 69 पोजीशन दिखा रहे थे। मूवी देखकर हम दोनों बहुत गर्म होने लगे और सारे कपड़े खोल कर उस मूवी की तरह 69 पोजीशन में आ गए। उसने मेरे लंड को पहली बार चूसना शुरू किया; पहले तो वो ऊपर ऊपर से चूम रही थी, मगर जैसे ही मैंने अपनी जीभ उसकी चूत के अन्दर डाल कर चाटना शुरू किया, तो उसने भी पूरा लंड अपने मुँह में लेकर लोलीपोप की तरह चूसना शुरू कर दिया।

कुछ देर बाद हम दोनों एक दूसरे के मुँह में ही झड़ गए और ज्योति भी मेरा सारा रस पी गयी।
फिर कुछ देर वो मेरे लंड के साथ खेलती रही, और मेरा लंड फिर से लोहे जैसा कड़क हो गया। फिर मैंने उसे घोड़ी की तरह बैठाया और एक ही बार में पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया। उसकी चूत गीली होने की वजह से उसे ज्यादा दर्द नहीं हुआ।

फिर मैंने पूरी रफ़्तार से उसे उसी तरह बहुत देर तक चोदा। उसे अब बहुत मजा आ रहा था और सिसकारियां भर रही थी।
उसी वक़्त मैंने तेल की शीशी ली और बहुत सारा तेल उसकी गांड के छेद पर डाल दिया और उसकी चूत चोदते चोदते एक उंगली उसकी गांड के छेद में डाल दी।

वो अचानक हुई इस हरकत से चिहुंक गयी और पूछने लगी- यह क्या कर रहे हो राहुल?
तो मैंने कहा- देखती जाओ मेरी जान, तुम्हे बहुत मज़ा आएगा।
मैं अपनी उंगली को और तेज अन्दर बाहर करने लगा और साथ ही चोदने की रफ़्तार भी बढ़ा दी, उसको और भी ज्यादा मज़ा आने लगा.

फिर मैंने दूसरी उंगली भी उसकी गांड में डाल दी। वो चिल्लाने लगी पर उसे मज़ा भी आ रहा था; मुझे लगा यही सही मौका है, और मैंने अपना लंड उसकी गीली चूत में से निकाल के एक ही झटके में उसकी गांड में डाल दिया।

वो दर्द के मारे चिल्लाने लगी और छटपटाने लगी, कहने लगी- हट जाओ, ऐसा क्यों किया, आई हेट यू।

मगर मैं उसकी कमर को चूमता रहा और अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स को मसलता रहा, साथ ही गांड में लंड को भी आगे पीछे करता रहा। तेल की वजह से कुछ ही देर में लंड आसानी से अन्दर जाने लगा और अब ज्योति को भी मज़ा आ रहा था और उह्ह उम्म्म की आवाजें निकाल रही थी।

उसकी गांड टाईट होने के कारण कुछ ही देर में मैं उसकी गांड में ही झड़ गया। फिर हम थक कर एक दूसरे की बाहों में फिर से सो गए।

इस तरह से मैंने उसे 3 दिनों में 10-11 बार अलग अलग स्टाइल में चोदा और फिर हम वापस आ गए।

उसके बाद हमने 2 बार और ऐसा ही प्लान बनाकर खूब चुदाई की।

इसके बाद के मेरे सेक्स अनुभवों को मैं अगली बार पेश करूँगा।
आपको मेरी ज़िन्दगी की यह हसीन कहानी कैसी लगी? मुझे ईमेल करें.

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