किस्मत से मिली चुदाई की जॉब

अन्तर्वासना के सभी पाठकों को खड़े लंड से सलाम. दोस्तो, यह मेरी पहली कहानी है, कोई ग़लती हो तो सॉरी.

पहले मैं आप सभी को अपने बारे में बता दूं. मेरा नाम एलेक्स है. वैसे तो मैं भरतपुर का रहने वाला हूँ. पर अभी गुडगांव में जॉब करता हूँ. मैं शुरू से ही चाहता था कि मैं सेक्स से और चुदाई से अपना पैसा कमाऊं. बीस साल तक तो मेरा सपना, सपना ही रहा. फिर मेरा सपना पूरा हुआ.

ग्रेजुयेशन करने के बाद मैंने काम ढूँढना शुरू किया जिससे देहली, नॉएडा के बहुत चक्कर लगाए पर सफलता ना मिली.

पर कहते हैं ना, भगवान जो भी करता है, अच्छे के लिए ही करता है. मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ. कई चक्कर लगाने के बाद भी जब काम ना मिला, तो एक दिन मैं उदास हो कर यूं ही फरीदाबाद स्टेशन के पास बैठा था. मेरे सारे पैसे खत्म हो गए थे.

तभी एक औरत मेरे पास आई और उसने मुझे टोका- एक्सक्यूज़ मी!
दोस्तो, आपको पता होगा जब इंसान टेंशन में होता है, तो वो थोड़ा चिड़चिड़ा हो जाता है. उस वक्त मेरा भी वही हाल था. जैसे ही उस औरत ने कहा ‘एक्सक्यूस मी …’ मैं चिल्लाकर उससे बोला- क्या है?
वो औरत थोड़ा डर गयी और वहां से चली गयी.

मुझे बाद में रियलाइज़ हुआ कि मैंने ये क्या किया. मैं उस औरत को खोजता हुआ उसके पास गया और उससे सॉरी बोलने लगा.
वो मुझे अजीब से नज़रों से देखने लगी. फिर मैंने उसे बताया कि मैं परेशान था इसलिए आपसे ऐसा बोल दिया.
मैंने उसे फिर से सॉरी बोला और पूछा- बताओ क्या कर सकता हूँ.
उसने कहा- मुझे एक कॉल करना है.. अगर आप अपना फोन दे सकते हो तो.
मैं- जी बिल्कुल.. आप मेरा फोन यूज कर सकती हैं.

उसने मुझे थैंक्स बोला और मेरा फोन ले कर एक नंबर पर कॉल लगाया.
शायद उसका कॉल नहीं मिला या किसी ने उठाया नहीं. क्योंकि उसका चेहरा उदास था. उसने जल्दी ही मेरा फोन दे दिया.
अब उसने पूछा- आप परेशान क्यों हो?
मैं- कोई जॉब नहीं मिल रही है और मुझे जॉब की सख्त ज़रूरत है क्योंकि मेरे पास पैसे भी नहीं बचे हैं.
वो औरत- कोई बात नहीं जल्दी ही जॉब मिल जाएगी.

मैंने थोड़ा हंस कर उसे थैंक्स बोला, उसने भी मुस्करा कर वेलकम कहा.

अब दोस्तों मैंने थोड़ा नॉर्मल हो कर उसको देखा. क्या पटाखा माल थी यार. क्या बताऊं, थोड़ी देर के लिए तो मैं टेंशन भूल ही गया. फिर उसी की आवाज़ ने मुझे जगाया.
वो बोली- कहां खो गए?
मैं- आप में …

ये मैंने कह तो दिया, लेकिन एक ही पल मुझे झटका लगा कि ये मैंने क्या किया.
उसने मुस्कुरा कर कहा- ज़्यादा ना खो जाओ, वरना निकलना मुश्किल हो जाएगा.
उसकी ये बात सुन कर मुझे थोड़ा रिलॅक्स मिला- तो निकलना कौन चाहता है. मैं तो तैयार हूँ. मुझे कोई प्राब्लम नहीं है.

उसके साथ इस तरह ही हमारी बात शुरू हुई. अब मैं उस औरत के बारे में बता दूं. उसका नाम अवन्तिका (बदला हुआ नाम) था. मैंने उसका निक नाम अवनी रखा. मैं लड़कियों को एक निक नाम देता हूँ, तो मैंने उसे भी दे दिया. उसकी उम्र 23 साल थी. वो एक बड़े ही गदराए हुए हुस्न की मलिका थी. उसका 36-26-38 का बड़ा ही कामुक फिगर था, जो मुझे उसे चोदने पर पता चला. उसका हज़्बेंड एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता था. वो आनन्द विहार की रहने वाली थी.

हमारी बातों का सिलसिला यूं ही चल पड़ा. मैं उसकी आंखों में देख कर बात कर रहा था. दोस्तो, क्या बताऊं उसको बात करते देख मेरे लिट्ल उस्ताद (लंड) ने हरकत चालू कर दी. मैं सोच रहा था कि ये चोदने को मिल जाए, तो जिंदगी बन जाए.

शायद वो मेरी इस हालत को पहचान गयी क्योंकि वो मेरे पैंट को देख रही थी. मैं उसके रसीले होंठों और तने हुए मम्मों में इतना खोया हुआ था कि पता ही नहीं कब उसने ये सब नोटिस कर लिया था.
अवनी- क्या हुआ कहां चले गए?
मैं- अभी तो यहीं हूँ, आप कहें, तो चलें कहीं?
वो थोड़ा मुस्काराई और कहा- अब टेंशन कहां गयी जॉब की.
मैं- जब आप जैसी कोई साथ हो, तो टेंशन की क्या औकात कि वो करीब भी आ जाए.
अवनी- अच्छा जी.
मैं- हां जी कोई शक.
अवनी- शक तो है.
मैं- क्या?
अवनी- आप की जीएफ़ भी तो मेरे जैसी होगी.
मैं- पहले तो जीएफ है ही नहीं. पता नहीं कब मिलेगी.
अवनी- तो बना लो किसी को.
मैं- तुम ही बन जाओ.
अवनी- नहीं, मैं नहीं बन सकती.
मैं- जब तुम ही मना कर रही हो, तो और कोई कैसे बन जाएगी?
अवनी- चलो छोड़ो बताओ, कैसा जॉब चाहिए आपको?
मैं- जिसमें प्यार और पैसा दोनों हों.
अवनी- ठीक है … मैं अपने हज़्बेंड से बात करती हूँ. आप अपना नंबर दो.

मैंने उसके मुँह से हज़्बेंड का नाम सुना तो हैरान रह गया. खैर मैंने उसको नंबर दे दिया और वो बाय कह के चली गयी.
मुझे लगा सारा काम बिगड़ गया. लेकिन मुझे क्या मालूम था कि काम तो अब बना था.

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