गाँव में चंदा भाभी की चूत में ऊँगली करके चोदा

gaav ki chanda bhabhi ki choot हैल्लों दोस्तों, मेरा antarvasna नाम पंकज है और आज मैं आप सभी पर सेक्सी कहानियों को पढ़ने वालों की सेवा में सबसे मस्त मजेदार सेक्स अनुभव को लेकर आया हूँ जिसमें मैंने अपने दोस्त की पड़ोसन भाभी को उन्हीं के घर पर बहुत जमकर चुदाई के मज़े देकर उनकी प्यास को बुझाकर पूरी तरह से संतुष्ट किया और यह सब मैंने कैसे किया आप लोग खुद ही पढ़कर इसके मज़े ले।

दोस्तों ये बात तब की है जब मैंने एक नये कॉलेज में एड्मिशन लिया था वैसे इस कहानी का हीरो मेरे साथ रहने वाला लड़का मेरा रूममेट है वो एक गाँव से में रहता है और काफ़ी पैसे वाला था उसकी उम्र 23 साल थी कहानी में असली मजा तब आया जब मेरे दोस्त का उसके घरवालों ने रिश्ता कर दिया और 3 महीने बाद शादी तय कर दी और मेरा दोस्त बेचारा कुछ नहीं कर पाया मैंने उसे थोड़ा समझाया फिर वो मान गया शादी के लिए, ऐसे ही समय निकलता गया और मेरे दोस्त की शादी का समय भी करीब आ गया फिर मैंने कॉलेज से कुछ दिनों की छुट्टी ली और अपने दोस्त के घर चला गया उसके घर में शादी की तैयारियां चल रही थी, मैं उसके परिवार से मिला और उनके काम में मदद करने लगा रात को सब लोग खाना खाकर सो गये, क्योंकि गाँव में लोग अक्सर जल्दी सो जाते है। मैं और मेरा दोस्त रात को 9 बजे छत पर खड़े खड़े बातें कर रहे थे तभी सामने वाले घर की लाईट जली और एक औरत ने कुछ सामान लिया और चली गयी, हम ऐसे ही खड़े खड़े देख रहे थे फिर मेरे दोस्त ने बताया इसका नाम चंदा है और बडी सेक्सी माल है, तो हमने उसे पटाने का प्रोग्राम बनाया पर मेरे दोस्त ने मना कर दिया था क्योंकि उसकी शादी थी तो वो कोई ग़लत काम नहीं करना चाहता था। मैं अगले दिन से चंदा को लाईन देने लगा, पहले तो वो अनदेखा करने लगी फिर वो थोड़ा गुस्से वाला चेहरा बनाकर देखने लगी पर मैंने लाईन देना नहीं छोड़ा, सॉरी दोस्तों मैं आपको बताना ही भूल गया चंदा के बारे में, चंदा का जिस्म कयामत था मोटे मोटे बूब्स गहरी गर्दन वाले सूट में बूब्स के बीच की खाई साफ साफ दिख रही थी उसने पटियाला सूट सलवार पहना हुआ था उस सलवार में उसकी गांड एकदम भरी निकली हुई थी, पेट बिलकुल थोड़ा सा जो उसकी खूबसूरती को और बड़ा रहे थे। अगले दिन कुछ ख़ास नहीं था मैं बस अपने दोस्त के साथ सुबह फ्रेश होने खेतों में जाता यहाँ हमे अक्सर चंदा भाभी मिल जाती और किसी ना किसी बहानें से बातें भी हो जाती, शादी से पहले कुछ रस्म होती है उनकी जिसमें दूल्हा घर से बाहर नहीं निकलता और शादी के कारण घर में मेंहमान आ गये थे एक दिन मैं अकेला खेत में गया तो वहाँ मुझे चंदा भाभी मिल गयी और उससे ऐसे ही बातें करने लगा, फिर वो खेत में चली गयी मैं भी उसके पीछे पीछे गया वो वहाँ खेत में काम कर रही थी मैं उसे छुप छुपकर देख रहा था, अचानक मेरा पैर मूड गया और मेरे मुहँ से ओईइ की आवाज़ निकल गयी।

चंदा भाभी ने मुझे देख लिया और पूछा क्या हुआ, मैं चुप रहा फिर वो उठकर मेरे पास आई और मुझे देखकर बोली, यहाँ क्या कर रहे हो? पहले तो मैं डर गया फिर मैंने कहा बस आपको देख रहा था की आप खेतों में काम कैसे करती हो, फिर अभी ऐसे ही बात हुई और वो बोली यहाँ से जल्दी चले जाओ नहीं तो क़िसी ने देख लिया तो ग़लत समझेंगे. मैंने कहा कोई बात नहीं, मैं ग़लत काम करने ही तो आया हूँ और उसे मैंने आँख मार दी, उसने अपनी आखें झुका ली, और वहाँ से चली गयी फिर मैं घर आ गया शाम को गीत गाने की रस्म थी और सभी पड़ोसी भी आएँगे ही शाम को चंदा भाभी भी गीत गाने वाली औरतों में आई मेरे को डर लगने लगा कहीं चंदा भाभी क़िसी को कुछ बोल ना दें। मैं थोड़ा काम करवा रहा था जैसे लोगों को पानी देना वगेरा काम कर रहा था इसी बीच आंटी ने चंदा को चाय बनाने के लिए बोल दिया क्योंकि काम बहुत था लोग बहुत आ गये थे सब व्यस्त थे, चंदा भाभी नहीं आई उससे पहले मैंने चाय पत्ती और शक्कर ऊपर वाले डिब्बे पर रख दी जैसे ही चंदा भाभी किचन में पहुंची और मेरी तरफ़ देखकर के नज़रे झुका ली, उस समय चंदा मस्त पटियाला सलवार शूट पहने हुए थी और बड़ी सेक्सी लग रही थी और चाय बनानी शुरू कर दी और फिर शक्कर और चाय पत्ती ढूँढने लगी। फिर उपर डिब्बे पर उनका हाथ नहीं पहुँच रहा था तो मुझे उतारने के लिए बोला फिर मैं जानबूझकर उनके पीछे खड़ा होकर उतारने लगा और अपने खड़े लंड को उनकी गांड पर मसलने लगा और अपना हाथ डिब्बे को छूकर वापिस ले आता। मेरी रगड़ से चंदा भाभी काफ़ी चुदासी हो गयी और एक दो बार सिसकियाँ ले चुकी थी थोड़ा रगड़ने के बाद मैंने बोला भाभी नहीं उतर रहा है तो उन्होंने बोला ऊपर चढ़कर उतार दो मैंने बोला मुझे उससे क्या मिलेगा वो थोड़ी डरकर चुप रही फिर मेरी तरफ देखकर मुस्कुरा गयी जिससे मेरा लंड एकदम उसकी चूत से टकरा गया और फिर भाभी ने अपने हाथ से मेरा लंड पकड़ लिया और बोली ऐसा ईनाम दूंगी की याद रखोगे तभी वहाँ कोई आ गया फिर मैंने डिब्बे को उतार दिया फिर मैं और भाभी अकेले में बात नहीं कर पाए पर जब भाभी जा रही थी तो मैंने कहा आपका इनाम रह गया तो वो धीरे से बोली रात को मिलेंगे।

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