फुफेरी बहन की कुंवारी चूत

नमस्कार दोस्तो, कैसे हैं आप लोग! मेरा नाम समीर खान है, मैं उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर से हूँ. मेरे घर में मेरे अलावा 3 बड़े भाई, अम्मी और अब्बू रहते हैं.
अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली कहानी है और मैं अन्तर्वासना का बहुत पुराना पाठक हूँ.

मेरे एक बड़े भाई की शादी 5 साल पहले ही हो गयी थी और इस बार 2 लोगों की शादी एक साथ होनी थी. मेरे दोनों भाईयों की शादी नवम्बर 2017 में होना तय हुई थी.

शादी का वक्त आ गया था. घर में शादी का माहौल था और सारे रिश्तेदार आने लगे थे. उसी में मेरी एक दूर की फूफी अपने परिवार के साथ हमारे घर आई थीं. उनकी एक बड़ी लड़की है, जो मेरे ही उम्र की है. उसका नाम ज़ीनत था. फूफी की लड़की ज़ीनत देखने में बहुत ही खूबसूरत थी.

अब तक मैंने आप को अपनी उम्र नहीं बतायी, मेरी उम्र अभी 22 साल है और काफी लड़कियों के साथ में मैंने सेक्स किया हुआ है.

उस दिन घर में लगन वाला दिन था और खूब मजे हो रहे थे. मैं अपनी भाभी के कमरे में लेटा था और मोबाइल पर वीडियो गाने सुन रहा था. तभी मेरी फूफी की बेटी ज़ीनत यानि मेरी बहन भी मेरे पास आ गयी और मेरे एक कान का इयरफोन निकाल कर अपने कान में लगा कर वो भी गाने सुनने लगी थी. मेरी उससे पहले से ही कभी कभी बातें होती थीं, पर मैं कभी लिमिट से आगे नहीं बढ़ा था.

अब वो भी मेरे साथ गाने सुनने लगी थी. इसी तरह गाने सुनते सुनते एक रोमांटिक गाना बज रहा था. ज़ीनत थोड़ा मेरे और करीब आ गयी थी. नवम्बर का आखिरी महीना था, तो थोड़ी ठंड भी बढ़ गई थी. हम दोनों रजाई में थे, मैंने सोचा क्यों ना एक बार इस पर हाथ ट्राय किया जाए.

मैंने धीरे से एक हाथ अपनी बहन ज़ीनत के सीने की तरफ बढ़ाया, फिर काफी हिम्मत करके उसके दूध को कपड़े के ऊपर से ही हाथ लगाने की कोशिश की. मुझे लगा कि अगर वो हिली, तो मैं अपने हाथ को हटा लूंगा, जिससे उसको ऐसा लगेगा कि गलती से हुआ होगा. अगर वो हरकत नहीं करती है, तो फिर कुछ आगे और करूँगा.

जब मैंने उसके दूध को हाथ लगाया, तो ज़ीनत ने किसी तरह की हरकत या ऐतराज नहीं किया. वो इसी तरह लेटी रही, तो मेरे में थोड़ी हिम्मत आ गयी. फिर मैंने कायदे से अपना पूरा हाथ उसके दूध पर रखा, तो उसके मुँह से हल्की सी आह निकली. मैं समझ गया ‘बेटा समीर तेरी लाइन साफ है.’ फिर मैंने कायदे से उसके दूध को बाहर से दबाया फिर अन्दर हाथ डाल कर दबाया और उसकी दूध की घुंडी को मसलता रहा.

फिर मैंने अपना हाथ उसके दूध से हटा दिया और हाथ को उसकी बुर पर ले गया. मैंने पाया कि उसकी चूत बिल्कुल गीली हो चुकी थी. मैं उसी तरह उसकी चूत पर उंगली घुमाता रहा.
लेकिन थोड़ी देर में मेरी भाभी आ गईं, उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मैं चाय पियूंगा?
तो मैंने बोला कि हां बना दीजिए.
वो वापस चली गईं और पहले के जैसे ही मेरा काम ज़ीनत के साथ चलता रहा.

फिर कुछ देर बाद भाभी ने आ कर चाय दी, तो मैंने उनसे कहा कि मैं ऊपर छत पर जा रहा हूँ. अगर कोई पूछे तो बात दीजिएगा कि मैं ऊपर ही हूँ.
मेरे ऐसे ऊपर जाना, बस ज़ीनत को बताना था कि मैं ऊपर जा रहा हूँ, तुम भी वहीं आ जाओ.

फिर मैं ऊपर जा कर चाय और सिगरेट पीने लगा और सोच रहा था कि अगर ये ऊपर आ जाती है, तो इसकी चुत का मज़ा लूंगा और अगर नहीं आती है, तो फिर इसे भूल जाऊंगा.. ये सोच लूंगा कि हम और वो एक उम्र के हैं और इस उम्र में ये सब हो जाता है.

करीब 30 मिनट तक मैंने उसका इंतज़ार किया और वापस जाने लगा, तो ज़ीनत मुझे ऊपर आते हुए दिखी.

मैं वापस छत पर आ गया और बहुत खुश हुआ कि आज मैं इसका मज़ा लूंगा. वो जैसे ही ऊपर आई, मैंने उसको पीछे से पकड़ लिया. हमारे घर की छत काफी ऊपर को बनी हुई है.. और अगल बगल में किसी का भी घर उतना ऊपर नहीं है, तो किसी का देखने का कोई डर नहीं था.

फिर मैं उसको अपने घर की पानी की टंकी वाली जगह ले गया, वो छत से एक मंजिल और ऊपर ही था. उस जगह पर चारों तरफ से बाउंड्री बनी थी और अगर कोई ऊपर आ भी जाता, तो वो हमें पहले ही दिख जाता.

मैं उसको वहां ले गया. पहले मैंने उससे इधर उधर की बातें की, फिर उसको किस किया. मैंने जैसे ही उसको किस किया, तो वो थोड़ी डरी कि कहीं कुछ होगा तो नहीं ना.
फिर मैंने उसको समझाया कि किस करने से कुछ नहीं होता है.
वो मान गयी.

Pages: 1 2 3

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published. Required fields are marked *