दोस्त की गर्लफ्रेंड की सहेली की चूत

दोस्तो, आप सभी को मेरा नमस्कार. मेरा नाम प्रकाश है जो कि मैंने गोपनीयता के कारण बदल दिया है. मैं राजकोट गुजरात से हूँ.
आज मैं आपको मेरी पहली चुदाई के बारे में बताने जा रहा हूँ. ये बात उन दिनों की है, जब इन बारहवीं के एग्जाम देने के बाद छुट्टियों का समय चल रहा था. सभी जानते हैं कि छुट्टियों में तो बस घूमना फिरना ही लगा रहता है.

चूंकि मेरी कोई गर्लफ्रेंड तो थी नहीं, इसलिए दोस्तों के साथ ही घूमता फिरता रहता था.

मेरा एक दोस्त है जो बचपन से मेरा अच्छा दोस्त रहा है. उसकी एक गर्ल फ्रेंड थी. वो जब भी उसे मिलने जाता तो मुझे साथ ले जाता था. उसकी गर्लफ्रेंड बहुत सेक्सी माल थी, उसके चुचे उसकी गांड सब मस्त थे. कुल मिलकर वो एक चोदने लायक बढ़िया माल थी. मैं तो उससे मिलने के बाद उसके नाम की मुठ भी मार लेता था. उसका नाम अवंतिका था.

अवंतिका की एक फ्रेंड थी रीटा और अवंतिका की एक छोटी बहन भी थी, वो भी बढ़िया काँटा माल थी.

ये कहानी मेरी और रीटा की है कि मैंने रीटा को कैसे चोदा. एक बार मैं अपने दोस्त के साथ अवंतिका से मिलने गया, तब अवंतिका के साथ उसकी फ्रेंड रीटा भी आई थी. हम लोगों ने उनसे पहले ही कह दिया था कि यहां पर एक लव गार्डन है, वहां मिलने आना है.

जब हम वहां पर पहुंचे, तब वो दोनों पहले से ही हमारा इंतज़ार कर रही थीं.

मैं आज पहली बार रीटा को देख रहा था, क्या माल थी वो.. आह.. एकदम गदराया हुआ बदन.. भरा हुआ फिगर.. बड़े से उठे हुए चुचे.. वाह क्या हुस्न था रीटा का. उसके चूचों की साइज़ 34 इंच की थी और मुझे बड़े चुचे बहुत पसन्द हैं.

मेरा फ्रेंड अवंतिका को लेकर गार्डन में एक कोना देख कर चूमाचाटी करने लगा और मुझे रीटा से मिलवा कर उसके साथ घूमने के लिए भेज दिया था.

वहां से उससे मेरी सैटिंग शुरू हुई थी. मैंने रीटा से बातें करना शुरू कर दिया था. कुछ ही समय में हमारी अच्छी फ्रेंडशिप भी बहुत अच्छी हो गई थी. वो पहले से ही मुझे पसंद करती थी, य़े उसने मुझे बाद में बोला था.

उस दिन पार्क में उसके साथ बहुत कुछ तो नहीं हुआ लेकिन इतना जरूर हो गया कि मेरे और रीटा के बीच एक अनजान रिश्ते का बीज बुव गया था.

थोड़े दिन हम ऐसे ही मिलते रहे. हमारी सामन्य बातचीत से आगे बढ़ कर एक दूसरे की पसंद नापसंद की बात होने लगीं. मुझे वो अपनी ओर आकर्षित होती सी दिखी.

करीब एक महीने बाद उसने मुझे अपना नंबर दिया और अगले दिन अकेले में मिलने को भी बुलाया. जब मैंने उससे अकेले में मिलने आने की वजह जाननी चाही तो उसने मुझसे सिर्फ इतना कहा कि तुम पूरे उल्लू हो. बस कल मिलने आ जाना वहीं सब समझ आ जाएगा.

उसकी बात सुनकर मेरे मन में तो लड्डू फूटने लगे. अगले ही दिन मैं उससे मिलने चला गया. जाते समय रास्ते में मुझे बस उसके चुचे ही दिखाई दे रहे थे कि आज उसके चूचों को मसलने का भरपूर मौका मिलेगा.

वहां पहुँचते ही मैंने उसे कॉल करके बुला लिया और साथ में गार्डन में चले गए. हमारे यहां इस गार्डन में सब अपने अपने माल को लेकर चुम्मा चाटी करने के लिए ही आते थे और कोई उधर दिन में इस वक्त कोई जाता नहीं था.

मैं रीटा को लेकर उसी गार्डन में चला गया. उधर हमारी बात आगे बढ़ने लगी. थोड़ी देर बाद मैंने रीटा को अपनी ओर खींच लिया और उसे किस करने लगा. वो तो मुझसे भी ज्यादा किस करवाने के लिए उतावली थी. मैंने उसके होंठों का चुम्बन लिया तो उसने अपनी पूरी जीभ मेरे मुँह में डाल दी और किस करने लगी.

कुछ देर तक एक दूसरे की जीभ का रस पीने के बाद मेरे लंड में आग सी लगने लगी. मैं उसकी टी-शर्ट में हाथ डालकर उसके चुचे दबाने लगा. उसने भी मुझे अपने चूचों का पूरा मजा दिया. इसके बाद हम दोनों में वासना का दौर शुरू हो गया. उस दिन भरपूर चूमा चाटी करके हम दोनों लौट आए. अब हम दोनों लगभग हर रोज़ ही शाम को मिलते और ऐसे ही चूमा चाटी करके चले जाते.

मैं घर जाकर मुठ मार कर अपने आपको शांत कर लेता था. मैंने उससे कई बार कहा कि मुझे और अधिक वाला प्यार करना है. मेरी बात सुनकर वो मुस्कुरा देती थी और मुझे दिलासा देते हुए कहती थी कि वक्त का इन्तजार करना सीखो.

मुझे मालूम है और आपको भी बता देना चाहता हूँ कि गुजरात की लड़कियां इतनी जल्दी ऐसे ही चोदने नहीं देती हैं इसलिए वो भी अभी चुत देने के नहीं मान रही थी.

एक दिन मैंने उसे स्कूल में नहीं जाने दिया और अपने साथ घुमाने ले गया. घुमाने ले जाने के बहाने मैं उसे एक अच्छे से होटल में ले गया और वहां एक रूम बुक कर लिया. उसे समझ आ गया था कि मैं उसे आज चोदने ही वाला हूँ. तब भी उसने आज कोई नानुकुर नहीं की. वो भी मेरे साथ रूम में आ गई. शायद आज उसे भी चुदास ने व्याकुल कर दिया था. होटल के रूम में जाते ही मैं सीधा बेड पे लेट गया. क्योंकि मैं काफी दूर से गाड़ी चला कर थोड़ा थक गया था. इसके अलावा मुझे आज पहले उसका रिएक्शन भी देखना चाहता था कि कहीं ऐसा न हो कि भड़क जाए.

Pages: 1 2 3

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published. Required fields are marked *