Dolly Aur Coaching Teacher

यह देखते ही मेरे अंदर की कच्ची जवानी मचलने लगी और में मदहोश सी होने लगी और इतने में ही मुझे दरवाजा बंद होने की आवाज़ आई, तो मैंने देखा कि वहां सर थे। अब में सर को देखकर घबरा गई और मेरी साँसे तेज़ हो गई, मुझे ऐसा लगा कि आज सर मुझे लूट लेंगे। सर बोले कि डॉली आज में तुम्हारी इस रसीली जवानी के साथ खेलना चाहता हूँ। सर की यह बात सुनकर में और ज्यादा बेकरार हो गयी और मेरा पैर पलंग के साथ टच हो गया और मेरा बैलेन्स बिगड़ा और में उन गुलाब के फूलों पर गिर गई। फिर सर ने एक ही झटके में अपनी टी-शर्ट निकाल दी।

फिर में फटाफट पलंग पर खड़ी हुई और सर मुझे घूर रहे थे, डॉली मुझे सब पता है कि किस तरह से पिछले 7 दिन में तुमने मेरा ध्यान बढ़ाने के लिए क्या क्या किया है? सर मुझे काफ़ी डर लग रहा है। सर बोले कि देखो डॉली अगर तुम्हारा मन ना माने तो हम कुछ नहीं करेंगे। एक काम करते है में स्टडी रूम में जा रहा हूँ और अगर तुम्हें यह सब नहीं करना तो अगले पाँच मिनट में वहाँ आ जाना और अगर तुम नहीं आई तो में यहाँ वापस आ जाऊंगा और तुम्हारे साथ वो सब करूँगा जो सुहागरात में होता है। सर प्लीज सुनिए तो, सर बिना कुछ कहे स्टडी रूम में चले गये। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था और करीब 3 मिनट निकल चुके थे। मेरा मन तो स्टडी रूम में जाने को नहीं कर रहा था। फिर इतना सोचते-सोचते ही 5 मिनट पूरे हो गये। फिर मैंने फटाफट से अपनी फ्रेंड को फोन लगाया कि रश्मि सुन यार यहाँ सब हो गया में क्या करूँ? रश्मि बोली वाऊ यार देख वहीं रहो और बस एक चीज़ का ध्यान रखना कि बिना कंडोम के मत करना, चाहे वो कितना भी कहे। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर इतने में ही मुझे दरवाजा खुलने की आवाज़ आई और मैंने फोन काट दिया। सर जैसे ही अंदर आए तो उनको देखकर मेरे अन्दर कंपकंपी छूट गई। वो सिर्फ़ चड्डी में थे, सर को इस रूप में देखकर मेरी योनि का पहला बीज फूट गया। थैंक्स डॉली मुझे तुम्हारा उत्तर मिल गया और अब में तुम्हारी इस कच्ची जवानी को लूटूंगा। सर की यह बातें सुनकर में सेक्स में पूरी तरह से डूब गई। जब तक में कुछ सोच पाती तो सर मेरे एकदम से नज़दीक आ गये और एक झटके में मुझे अपनी गोद में उठा लिया। अब सर का एक हाथ मेरे कंधे को पकड़ा हुआ था और दूसरा हाथ मेरी जांघ पर था। में सर की बाहों में से निकलने की कोशिश कर रही थी, लेकिन सर ने मुझे कोई मौका नहीं दिया और मुझे बिस्तर पर डाल दिया। फिर पलक झपकते ही सर भी बिस्तर पर आ गए, फिर सर मेरे इतने करीब आ गये कि उनका वो मोटा लंड मेरी जांघ पर टच होने लगा।

फिर सर का हाथ मेरी कमर पर आ गया और मेरे मुँह से आह्ह्ह्ह निकल गयी। फिर सर ने मेरे माथे पर किस किया और मेरे कान में कहा कि हम थोड़ी देर में शॉवर लेंगे। में बोली कि सर प्लीज मेरे सारे कपड़े गीले हो जायेंगे। फिर सर बोले कि पगली यह कपड़े 10 मिनट में उतर जायेंगे। फिर में कुछ कह पाती इतने में ही सर के होंठ मेरे होठों को चूसने लगे और सर का एक हाथ तो मेरे एक हाथ की उंगलियों के साथ लॉक था और दूसरा हाथ मेरी कमर से मेरे बूब्स की और जाने लगा तो मैंने अपने हाथ से उन्हें रोकने की कोशिश की जो कि नाकाम रही। फिर सर का हाथ जैसे ही मेरे बूब्स पर गया तो मानों में तो पागल सी हो गई, अब उनके हाथ मेरे बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाने लगे। सर की बॉडी का पूरा वजन मेरी बॉडी पर आ गया और अब में मदहोशी की और बढ़ती जा रही थी।

फिर सर ने अपने दोनों हाथों से मेरे बूब्स दबाने शुरू कर दिए, लेकिन में बीच-बीच अपना विरोध दिखा रही थी। फिर सर ने वो किया जिससे में उनके वश में आ गयी। सर मेरे बूब्स अपने दोनों हाथों से दबा रहे थे और उनकी इस हरकत से मेरे दोनों हाथ सर के ऊपर चले गये और फिर अचानक से सर का एक हाथ मेरी नंगी जांघो पर आ गया और वो मेरी चूत की और बढ़ रहा था। में इतनी मदहोश हो चुकी थी कि चाहते हुए भी में उन्हें रोक नहीं पाई और जैसे ही सर का हाथ मेरी पेंटी को टच हुआ तो मेरे मुँह से ओहह्ह्ह निकल गया। फिर झटके से में सर को धक्का मारकर सर के ऊपर आ गई। अब सर का हाथ तो वहाँ से हट गया था और अब में सर के थोड़ा और ऊपर आ गयी। सर ने भी मुझे अपनी बाहों में जकड़ लिया था। फिर सर भी अपने हाथ मेरी कमर, पेट, और जांघो पर फेर रहे थे। अब मेरे दोनों बूब्स सर की छाती से दब गये थे। फिर सर ने मेरे बालों से हेयर बैंड निकाल दिया और मेरे बाल खोल दिए, जैसे ही उन्होंने मेरे बाल खोले तो मुझे लगा कि यह मेरे कपड़े उतारने की शुरुवात हो गयी, जो कि बाद में जाकर सही साबित हुई।

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