दिल्ली मेट्रो स्टेशन में मिली नशीली जवानी

यह कहानी कुछ वक्त पहले की ही है. उस दिन मैं दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर था. रात के करीब 11 बजे का समय था. मैं आखिरी मेट्रो का वेट कर रहा था. स्टेशन पर भी एक-दो लोगों के अलावा कोई नहीं रह गया था. ट्रेन आने में कुछ टाइम था. मैंने दूसरे प्लैटफॉर्म पर देखा कि एक लड़की खड़ी है. वो थोड़ी लड़खड़ा रही थी. देखने में काफी खूबसूरत थी. मिनी स्कर्ट, टाइट टॉप और हाइ हील पहने हुए थी. वह ठीक से चल हीं पा रही थी.

मैं उसके पास गया और उससे पूछा कि उसे कोई दिक्कत तो नहीं है.
उसने कहा- नहीं, मैं ठीक हूँ.
मैं उसके बाद वापस जाने लगा.
उसने मुझे आवाज़ दी और बोली- सॉरी, क्या आप मुझे स्टेशन के बाहर तक ड्रॉप कर सकते हैं?
मैंने कहा- ठीक है.

मैंने उसको सहारा देते हुए अपने कंधे के साथ लगाया और उसको अपने साथ लेकर चलने लगा. उसने अपना नाम सारिका (बदला हुआ) बताया. मैंने उसको अपने बारे में बताया.
उसने अपने बारे में बताया कि वह और उसके कुछ दोस्त पार्टी कर रहे थे और उन्होंने कोल्ड ड्रिंक में मिला कर मुझे नशे की चीज़ पिला दी.

मैंने कहा- आप को फिर वहीं पर रुक जाना चाहिए था न. रात में इस तरह अकेले नहीं आना चाहिए था. रात में इस तरह लड़कियों का अकेले रहना सेफ नहीं होता है.
मैं स्टेशन से उसको बाहर लेकर आ गया. मेरे दिमाग में अभी तक उसके लिए कोई ग़लत ख्याल नहीं आया था. लेकिन मैं बस इतना सोच रहा था कि उसके साथ कुछ ग़लत न हो जाए.
क्योंकि बाहर आकर पता लगा कि रात में ठंड बढ़ चुकी थी और ऑटोवाले भी उसको लालच भरी नज़रों से देख रहे थे.

मैंने उससे पूछा- आपको कहां जाना है.
जब उसने बताया तो पता लगा कि उसका घर वहाँ से बहुत दूर था. वह मुझे थैंक्स बोलकर ऑटो में बैठ गई. लेकिन मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहा था.
मैंने उससे कहा कि मैं उसको ड्रॉप कर देता हूँ. मगर वो मना करने लगी.

मैंने उसको बताया कि मुझे भी उसी के घर के आगे की तरफ जाना है रास्ते में। वह अपने घर उतर जाएगी और मैं आगे चला जाऊंगा.
उसको मेरी बात समझ में आ गई. हम दोनों उसी ऑटो में साथ में बैठ गए. जब ऑटो चलने लगी तो उसने रास्ते में दो बार उल्टी कर दी. किसी तरह हम उसके घर के बाहर पहुंचे तो मैंने उसे नीचे उतारा.
वो इस हालत में नहीं थी कि तीसरी मंज़िल तक पहुंच जाए.

उसने मुझसे कहा कि मेरे रूम पार्टनर को कॉल करो.
मैंने उससे नम्बर लिया और उसकी रूम मेट को फोन किया. उसके रूम मेट की कॉल आई और वो उसको साथ में पकड़ कर किसी तरह उसके फ्लैट पर पहुंच गई. मैं भी उसके साथ ही था.
मैंने उसको वॉमिटिंग रोकने के लिए गोली लाकर दी. उसको दरवाज़े पर छोड़कर मैं अपने घर चला आया.

फिर सुबह देखा तो मेरे फोन में उसका मैसेज आया हुआ था. वह मुझे धन्यवाद कह रही थी कि अगर मैं नहीं होता तो रात में उसके साथ कुछ भी ग़लत हो सकता था. उसके साथ कई दिन तक मैसेज पर बात होती रही. फिर धीरे-धीरे हमारी कॉल पर भी बात होने लगी. हम सारी रात बातें करते रहते थे. उसे मेरा हेल्पिंग नेचर बहुत पसंद था.

एक दिन बातों ही बातों में उसने मुझे ‘आई लव यू …’ भी बोल दिया. फिर उसने मुझे मिलने के लिए बुलाया. हम एक दो बार नॉर्मली मिले. फिर धीरे-धीरे हमारी किसिंग भी शुरू हो गई.

और एक दिन उसने मुझे अपने रूम पर बुला लिया. मैंने जाकर उसके रूम की बेल बजाई. उसने दरवाज़ा खोला. मैं उसको देखकर हैरान रह गया.
उसने ट्रान्सपेरेंट (आर-पार दिखाई देने वाली पारभासी) नाइटी पहनी हुई थी. मैं जैसे ही अंदर गया उसने मुझे गले से लगा लिया और फिर दरवाज़ा बंद कर लिया. वह मुझे अचानक ही बेतहाशा चूमने लगी. उसने मुझे अपनी बांहों में लेकर हग करते हुए चूमना ज़ारी रखा.

उसकी चूचियां मेरी छाती पर दब गईं, फिर मैंने भी सारिका को बांहों में लेते हुए पकड़ कर उसके चिकने गाल पर किस कर दिया. सारिका ने हल्की सी स्माइल दी और मेरे होठों पर किस कर लिया. वह मेरे होठों पर अपने होंठ रख कर ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी. मैं भी उसके होठों को चूसने लगा. साथ ही ऊपर से उसके मम्मों को भी दबाने लगा. उसको मज़ा आने लगा और मुझे तो बहुत मज़ा आ ही रहा था.

बस यूं ही किस करते-करते हम दोनों एक-दूसरे को कस कर दबाते और टाइट हग भी करते रहे. करीब 5 मिनट के बाद मैंने उसके कपड़े उतार दिए तो मेरी आँखों के सामने उसका नंगा बदन था, उसके फिगर को देख कर मेरा लंड बहुत ही ज्यादा टाइट हो गया. बड़ी गज़ब की माल लग रही थीं.

फिर उसने एक-एक करके मेरे कपड़े उतारने शुरू कर दिए. पहले उसने मेरी शर्ट का बटन खोला. फिर मेरी छाती को चूमा. फिर उसने मेरी शर्ट के बाकी बटन भी खोल दिए.
अब मेरी छाती पर केवल बनियान रह गया था. नीचे पैंट में मेरा लौड़ा तना हुआ था जो अलग से ही तंबू बनाकर खड़ा हुआ था. उसने एक बार मेरे तने हुए लौड़े को पैंट के ऊपर से ही सहला दिया तो मेरे लंड ने एक जोर का झटका देकर अपना तनाव और ज्यादा बढ़ा लिया. मुझे ऐसा लग रहा था कि अगर वो तीन-चार बार मेरे लंड को ऐसे ही सहला देती तो मैं वहीं पर झड़ जाता.

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