कॉलेज टीचर को दिखाया जवानी का जलवा

सर मुझे समझाने लगे- बेबी … प्लीज़ पहली बार में थोड़ा होता है … थोड़ी देर रुको … फिर तुम्हें भी अच्छा लगेगा.

कुछ देर के दर्द के बाद चूत लंड में दोस्ती हो गई और मुझे उनकी बात मुझे सही होते दिखने लगी. थोड़ी ही देर में मुझे भी बड़ा मजा आने लगा और मैं नीचे से उछल उछल चुदवाने लगी. सर भी मुझे धकाधक चोदे जा रहे थे. देखते ही देखते उनकी रफ़्तार बढ़ती चली गयी. मेरी भी सीत्कारें ‘आह्ह अह्ह्ह..’ कर चरम सीमा तक आ पहुंची.

करीब दस मिनट की जोरदार चुदाई के बाद सर ने अपना सारा माल मेरी चुत में गिरा दिया. मेरा रस भी उनके लौड़े से सन गया.

थोड़ी देर आराम करने के बाद मैं जब बाथरूम जाने के लिए उठी, तो मैं टेबल से उठ ही नहीं पा रही थी. मेरी चुत पूरी तरह सूज गयी थी. मैंने करवट लेकर देखा, तो वहां पे पूरा खून ही खून दिखाई दिया. ये देख कर मैं डर गई.

सर मेरे माथे पे किस करके बोले- पहली बार में सबके साथ ऐसा ही होता है … तुम डरो मत.

उन्होंने मुझसे सहारा दिया. फिर मैं फ्रेश होकर थोड़ी देर सर की गोद में सर रख कर आराम करने लगी. इससे सर का लौड़ा फिर से खड़ा हो गया. सर फिर से मेरे मम्मों को मसलने लगे.
सर बोले- मुझे तुम्हारे चूचे बहुत अच्छे लगे … क्या तुम इस बार मुझे अपने मम्मों के बीच में लंड रख कर चोदने दोगी.
मैंने भी हंस कर हामी भर दी.

फिर सर मेरे ऊपर आ गए. उन्होंने पहले अपना लंड हिलाते हुए मेरे मुँह में दे दिया. मैं उनके लंड को खूब मस्ती से चूसने लगी.

फिर सर ने मेरे मम्मों को दबाते हुए अपना लंड मेरी चूचियों की घाटी में फंसा दिया. वे मेरे मम्मों को चोदने लगे. मैंने भी अपनी जीभ बाहर निकाल दी थी. क्योंकि मेरे मम्मों को चोदते चोदते उनका लंड मेरे जीभ में टच करता, तो उनकी उत्तेजना और भी बढ़ जा रही थी.

सर- अहह अहह मेरी जानेमन.

कुछ देर सर ने मेरे चूचों को चोदा, फिर उन्होंने मुझे उल्टा कर मुझे डॉगी बनने को बोला. मैं कुतिया जैसी बन गई, तो सर ने मेरे पीछे से अपना लंड मेरी चूत में पेल दिया. मुझे एक बार फिर से उनके लंड से मीठा दर्द होने लगा. सर ने अपना पूरा लवड़ा मेरी चूत में ठोक दिया और धकाधक चोदने लगे.

इस बार मुझे जल्द ही मजा आने लगा और मैं उनका पूरा साथ देकर चुदवाने लगी. मुझे बड़ा मजा आ रहा था. डॉगी स्टाइल में मुझे सर का लंड अपनी चुत में पूरा अन्दर बाहर होता हुआ महसूस हो रहा था.

मैं सर से कहे जा रही थी- आह … सर और जोर से … मजा आ रहा है … और जोर से चोदो सर …
चुदाई की मस्ती में मैं पूरी तरह से चिल्लाने लगी थी. सर पीछे से मुझे धकाधक चोदे जा रहे थे.

सर ने मुझे चोदते चोदते मेरी चुत में ही फिर से अपने लंड का रस छोड़ दिया और हम दोनों पूरी तरह से संतुष्ट हो गए थे. सर मेरी पीठ पर ही गिर कर मुझे चूमने लगे. उनकी गर्म सांसें मुझे बड़ा मजा दे रही थीं.

दोस्तों मेरी हालत उठने लायक नहीं रह गई थी, इसलिए मैं थोड़ी देर आराम करने लगी. इसके बाद मैं घर चली आई.

अब जब भी मुझे सर से पढ़ने का टाइम मिलता, मैं सर से चुदवाने के लिए रेडी रहती हूँ.

कुछ दिन बाद सर का ट्रांसफर दूसरी जगह हो गया. लेकिन मेरी लंड लेने की प्यास अभी भी जारी है.

दोस्तो, मेरी सहेली रीमा जिसके बारे में मैंने बताया था. उसकी और मेरी बहुत गहरी दोस्ती थी. एक दिन मैं उसके घर कुछ काम से गई थी.

मैं अचानक से उसके घर गई थी. मैंने पहले उसके घर की घंटी बजाने की सोची. लेकिन तभी मैंने देखा कि उसके घर का दरवाजा लॉक नहीं था. मैं अन्दर चली गई. अन्दर जाकर मैंने देखा कि उसका ब्वॉयफ्रेंड रीमा के ऊपर चढ़ा हुआ था. रीमा और उसका ब्वॉयफ्रेंड दोनों पूरी मस्ती से चुत चुदाई का खेल खेल रहे थे.

दोस्तो, आगे की कहानी में आपको ये बताऊँगी कि कैसे रीमा और उसका ब्वॉयफ्रेंड चुत चुदाई का खेल खेल रहे थे.

मेरी इस मदमस्त प्यासी जवानी की चुदाई की कहानी पर आपके मेल का मैं इन्तजार करूंगी.

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