आ जाओ चूत के पानी को निकालने

Antarvasna, kamukta: मैं रविवार के दिन सुबह जल्दी उठ गया था क्योकि मुझे कोई जरूरी काम था मैं सुबह जल्दी उठा और मम्मी से कहा मम्मी मेरे लिए चाय बना दो। मम्मी मुझे कहने लगी कि राजेश बेटा आज तुम जल्दी उठ गए मैंने मम्मी से कहा हां मम्मी मुझे कहीं जाना है तो मम्मी मुझे कहने लगी कि मैं तुम्हारे लिए नाश्ता बना दूं। मैंने मम्मी से कहा मम्मी मैं नाश्ता तो आकर करूंगा मम्मी कहने लगी ठीक है बेटा मैं तुम्हारे लिए अभी चाय बना कर ले आती हूं। मम्मी मेरे लिए चाय बना कर ले आई थी पापा मुझसे पूछने लगे राजेश बेटा तुम कहां जा रहे हो तो मैंने पापा को कहा पापा मैं अपने एक दोस्त के पास जा रहा हूं मुझे कोई जरूरी काम है। पापा कहने लगे लेकिन इतनी सुबह क्या जरूरी काम है मैंने पापा से कहा पापा कुछ नहीं बस थोड़ी देर बाद मैं आ जाऊंगा पापा कहने लगे ठीक है बेटा। मैं अब चाय पी कर तैयार होने के लिए चला गया मैं बाथरूम में जल्दी से नहाया और उसके बाद मैं अपने दोस्त के पास चला गया। मुझे अपने दोस्त से कुछ पैसे लेने थे क्योंकि मैंने उसकी भी मदद कुछ समय पहले की थी तो उसने मुझे पैसे लौटाने की बात कही थी।

मैं उसके घर पर चला गया और जब मैं उसके घर गया तो उसके साथ मैं ज्यादा देर तक नहीं बैठा उसने मेरे पैसे लौटा दिए थे और मैं अब वापस अपने घर लौट आया। मैं जैसे ही घर लौटा तो मेरे मोबाइल की घंटी बजने लगी मैंने अपनी जेब से अपने मोबाइल को बाहर निकाला तो उसकी स्क्रीन पर मैंने देखा दीदी का फोन आ रहा था। मैंने दीदी का फोन उठाते हुए हेलो कहा तो दीदी कहने लगी राजेश तुम काफी दिनों से घर नहीं आए हो मैंने दीदी से कहा दीदी मुझे आजकल समय ही नहीं मिल पा रहा है। दीदी कहने लगी कि कभी तुम हमसे मिलने के लिए भी आ जाया करो मैंने दीदी को कहा ठीक है दीदी आज आपसे मिलने के लिए आ ही जाता हूं। मैंने नाश्ता किया और मम्मी से कहा मम्मी मैं दीदी के घर जा रहा हूं मम्मी कहने लगी कि ठीक है बेटा और फिर मैं दीदी के घर चला गया। मैं जब दीदी के ससुराल पहुंचा तो वहां पर मुझे जीजाजी भी मिले वह मुझसे मेरे हाल चाल पूछने लगे और मम्मी पापा के बारे में भी उन्होंने मुझसे पूछा। मैंने उन्हें कहा मम्मी पापा भी ठीक हैं जीजा जी का अपना ही मसाले का कारोबार है और वह पिछले कई वर्षों से यही काम करते आ रहे हैं।

जीजा जी ने मुझे कहा कि हम लोग सोच रहे थे कि मम्मी पापा से मिलने के लिए घर पर आए लेकिन मुझे समय ही नहीं मिल पाता है। जीजा जी और मैं बात कर रहे थे तो दीदी कहने लगी कि राजेश तुम ठीक हो ना मैंने दीदी से कहा हां दीदी मैं ठीक हूं आप बताइए आप कैसी हैं दीदी कहने लगी मैं भी ठीक हूं। अब दीदी और मैं आपस में बात करने लगे जीजा जी कहने लगे कि तुम लोग आपस में बात करो मैं अपने किसी काम से जा रहा हूं। हम लोग साथ में बैठे हुए थे तो दीदी मुझे कहने लगी कि काफी दिनों से सोच रही थी कि तुमसे मुलाकात करूं लेकिन तुम तो मुझसे मिलने के लिए आते ही नहीं हो। मैंने दीदी को कहा दीदी आप तो जानती ही हैं ना कि ऑफिस में कितना काम रहता है आज मेरी छुट्टी थी तो सुबह मैं अपने दोस्त के घर चला गया था और जैसे ही मैं घर लौटा तो वैसे ही आपका फोन मुझे आया मैंने सोचा आप से भी काफी दिनों से मुलाकात नहीं हुई है तो आप से भी मिल लेता हूं। मैं और दीदी आपस में बात कर रहे थे तो दीदी का एक वर्षीय छोटा बालक रोने लगा दीदी कहने लगी कि मैं छोटू को अभी बाहर ले आती हूं। दीदी अपने बेडरूम में चली गई और छोटू को बाहर ले आई जब दीदी छोटू को बाहर लाई तो मैंने उसे अपनी गोद में लिया लेकिन अभी भी वह रो रहा था। दीदी मुझे कहने लगी कि छोटू अभी सो कर उठा है ना इसलिए यह रो रहा है लाओ तुम इसे मुझे दे दो मैं दीदी को छोटू को सौंप दिया। थोड़ी देर बाद छोटू अपने आप ही चुप हो गया दीदी और मैं आपस में बात कर रहे थे कि तभी जीजा जी घर पर आ गए। हम लोगों को बात करते हुए काफी समय हो गया था और मुझे कुछ पता ही नहीं चला कि कब इतना समय निकल गया दीदी मुझे कहने लगी कि मैं तुम्हारे लिए खाना बना देती हूं।

मैंने दीदी को कहा दीदी मेरा खाना खाने का बिल्कुल भी मन नहीं है दीदी मुझे कहने लगी कि थोड़ा सा तो तुम खाना खा ही लेना मैंने दीदी को कहा ठीक है दीदी आप मेरे लिए बना ही दीजिए। दीदी अब रसोई में खाना बनाने के लिए चली गई दीदी ने मुझे छोटू की जिम्मेदारी सौंप दी थी थोड़ी देर बाद छोटू सोने लगा तो दीदी कहने लगी कि राजेश उसे तुम बेडरूम में ही सुला दो। मैं उसे बेडरूम में ले गया और वहां पर मैंने उसे सुला दिया जीजा जी मुझसे पूछने लगे कि साले साहब आप शादी कब कर रहे हैं। मैंने उन्हें कहा जीजा जी अभी तो मैंने इस बारे में कोई भी मन नहीं बनाया है लेकिन जब भी शादी करूंगा तो आपको तो पता चल ही जाएगा। जीजा जी कहने लगे मुझे पता नहीं चलेगा तो किसे पता चलेगा। हम दोनों आपस में बात कर रहे थे तभी जीजा जी का फोन आया और उन्होंने फोन रिसीव किया शायद उनके किसी काम से उनका फोन आया था वह काफी देर तक अपने फोन पर ही बात करते रहे और थोड़ी देर बाद जब जीजा जी मुझे कहने लगे कि चलो हम लोग खाना खा लेते हैं। हम लोगों ने साथ में उस दिन लंच किया और दीदी मुझे कहने लगी कि राजेश तुम थोड़ा आराम कर लो मैं रूम में लेटा हुआ था मुझे नींद की झपकी आने लगी और थोड़ी देर बाद मुझे नींद भी आ गई।

Pages: 1 2

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published. Required fields are marked *