चुदाई लीला

सभी पाठकों को मेरी तरफ से नमस्कार। मै सलोनी आज आपके सामने अपनी कहानी रखने जा रही हूं, उम्मीद करती हूं कि आप सभी को यह कहानी पसंद आएगी। इस कहानी में पढिए, किस तरह एक दिन मेरे पती और मै चुदाई कर रहे थे और तभी उन्हें किसी काम से आधे में ही जाना पडा। तो मेरी प्यास तो अधूरी रह गई। मेरी इस अधूरी रही प्यास को ही मैने कैसे बुझाया, पढिए इस कहानी में। सारे मर्द तैयार हो जाओ, अपने लंड हाथों में लेकर और सारी औरते, अपनी चुत में उंगली डालकर बैठिए।

अब आपका अधिक समय ना लेते हुए मै सीधे कहानी पर आती हूं, उससे पहले मै आपको अपने बारे में कुछ बता देती हूं। मेरा नाम सलोनी है, मै शादीशुदा हूं। मेरी शादी को अभी अगले महीने में चार साल पूरे हो जाएंगे।

मेरे पती मुझे हमेशा खुश रखते है, हमारी सेक्स लाइफ भी बढिया चल रही थी। मेरे पती का नाम अनिल है, और वो एक प्राइवेट फर्म में काम करते है। उनका जॉब काम के अनुसार होता है, जिस दिन अधिक काम उस दिन ज्यादा देर तक रुकना पडता था।

सब कुछ अच्छा चल रहा था, हमे एक बच्चा भी था, दो साल का। उसका नाम हमने सचिन रखा है।

मेरे पती का ऑफिस और हमारा घर बस आधे घंटे की दूरी पर है। और उनके जॉब का कोई टाइमिंग तो है नही। जब काम बढ जाता है, तब उनको बिना समय देखे वहां जाकर अपना काम करना पडता है। जब भी कुछ काम नही होता, वो सीधे घर चले आते और आते ही मुझे अपनी बाहों में जकड लेते थे।

हमारे पूरे घर मे अब तक ऐसी एक भी जगह नही बची थी, जहां हम दोनों ने सेक्स नही किया हो। घर के हर एक कोने में, हर एक पोजिशन में हमने सेक्स करके देखा है। मेरे पती को हर बार चुदाई में कुछ नया चाहिए होता है, और इसी चक्कर मे कभी कभी वो कुछ और ही कर बैठते है।

एक दिन मेरे पती ने मुझे उनके ऑफिस से फोन किया और कहा कि, “मै घर आ रहा हूं, तुम तैयार रहना।”

इसका मतलब आज वो जमकर चुदाई करने के मूड में थे। यह सोचकर ही मेरे मन मे तरंगे उठने लगी थी। मै भी अब अपने आप को सजाने धजाने में लग गई। उनका फोन आते ही सबसे पहले तो मै नहाने चली गई, नहाकर आते ही मै शीशे के सामने खडी होकर अपने आप को देखने लगी।

मेरा शरीर थोडा भर सा गया था, अब मै पहली जैसी स्लिम नही लग रही थी, लेकिन अब भी मेरे चूचियों और चुतडों को देखकर कोई भी लंड अपना पानी छोड दे, ऐसे उनको रखा था।

उनके आने की खुशी में मैने जल्दी से कुछ सेक्सी कपडे निकाल लिए, और फिर उनमें से एक सलेक्ट करके पहन लिया। फिर थोडा हल्का सा मेक-अप भी कर लिया और अब उनके आने का इंतजार करने लगी।

यह ऐसे अक्सर बीच बीच मे घर पर आते है, और फिर हम चुदाई करने में लग जाते है। हम दोनों ही इस मामले में बहुत चुदास से भरे हुए है। रात में जितनी भी चुदाई हो, लेकिन ऐसे दिन में उनके आने के बाद जो चुदाई होती थी, उसका किसी चुदाई के साथ मोल नही होता।

इस चुदाई में मै हमेशा तैयार होकर उनके आने का इंतजार करती रहती हूं, तो वो मन मे जो चलता है, वह फीलिंग सबसे अच्छी लगती है।

थोडी ही देर मे मै अपने विचारों में इतना खो गई कि, वो आकर घर की बेल बजाए जा रहे है, लेकिन मै सुन ही नही रही। फिर उन्होंने मुझे फोन किया, तब जाकर मैने दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खोलते ही मेरे पती ने मेरे हाथ मे उनका बैग पकडा दिया और खुद फ्रेश होने चले गए।

वो भी बहुत जल्दी जल्दी सब कर रहे थे, उनको भी चुदाई की प्यास लगी हुई थी। मेरे पती को भी मेरी तरह ही चुदाई का बहुत शौक है। जब भी मौका मिलता है, वह मेरी चुदाई करना शुरू कर देते है। उन्हें मेरी चुत चाटना बहुत पसंद है, उनके कहे अनुसार मेरी चुत से निकलने वाला रस पानी नही अमृत है, और उसे जाया नही होने देना चाहिए।

जल्दी ही वो फ्रेश होकर बाहर आ गए। अब उन्होंने सिर्फ अपनी चड्डी पहने रखी थी, और बाकी के सारे कपडे बाथरूम में ही उतार दिए थे। बाहर आते ही उन्होंने मुझे मेरे हाथ से पकडकर अपने पास खींच लिया।

मै भी उनके खींचने से किसी लता की तरह जाकर उनसे लिपट गई। आज मेरे पती कुछ ज्यादा ही रोमांटिक मूड में थे। मेरा हाथ पकडकर वो अचानक से मेरे साथ डांस करने लग गए। फिर अचानक से मुझे नीचे झुकाते हुए एप्ने सर को मेरे ऊपर लाकर अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए। अब वो मेरे होंठ चूमने लगे थे।

लेकिन अगले ही पल वो तुरंत ही मुझसे अलग हो गए, और फिर से नाचने लगे। कुछ देर तक नाचने के बाद, उन्होंने मुझे अपनी गोद मे उठाया और बिस्तर पर लाकर आराम से लिटा दिया। मेरे बिस्तर पर लेटते ही वो मेरे ऊपर आ गए, और अब उन्होंने मेरे दोनों गालों को ऊनी हथेली में रखा, और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिये।

Pages: 1 2

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published. Required fields are marked *