भाभी की चूत की प्यास बुझाई

भाभी मुस्कराती हुई बोली- राहुल आज तुमने मेरी कई सालों की प्यास बुझा दी.
भाभी को किस करते हुए कहा- अब तो रोज ऐसे ही मजा दिया करूँगा..

हम दोनों काफी थक गए थे. फिर हम दोनों वैसे ही थोड़ी देर के लिए लेट गए.

सुबह हमारी आंख 6 बजे खुली और मेरा लंड खड़ा था. मैंने भाभी की गांड पर हाथ मारते हुए उठाया.
भाभी- राहुल जान अब क्या इरादा है.
मैं- कोमल जान तुम्हारी गांड.
भाभी ने एक बार मेरे लंड की तरफ देखा और बोली- इसका तो उद्घाटन समारोह होगा.

वो समारोह कैसे हुआ, ये अगले भाग में लिखूंगा कि आगे क्या हुआ. आपको मेरी पड़ोसन कोमल भाभी की चुदाई की कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करके जरूर बताएं.

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