बैंक की नौकरी के लिए मेरा गैंगबैंग

सभी पाठकों को मेरा नमस्कार. यह मेरी पहली सेक्स कहानी है, जो आज से 3 साल पहले की है. सबसे पहले मेरा परिचय आपको दे रही हूँ. मेरा नाम प्रिया गँगवार है और मैं 24 साल की हूँ. मैं झाँसी की रहने वाली हूँ. मैं बैंक में पियून की जॉब करती हूँ. अभी मेरा फ़िगर साईज 34डी-32-38 का है.

ये बात तब की है, जब मैं 21 साल की थी और मैंने बीए सेकंड ईयर में एडमिशन लिया था. मेरा घर गांव में है, इसलिए मुझे सिटी में रूम किराए पर लेकर रहना पड़ता था. गांव के बैंक में मेरा अकाउंट था. मेरे फ़ोन पर बैंक में सम्पर्क करने के लिए मैसेज आया, इसलिए मैं बैंक गई. वहां सब स्टाफ मुझे एक काउंटर से दूसरे काउंटर भेजने लगे.

मुझे गुस्सा आ गया और मैं सीधे मैनेजर के केबिन में चली गई. मैं गुस्से में बोली- एक काम के लिए इस बैंक में सब इतना दौड़ाते हैं.
इसी बीच मेरा दुपट्टा फिसल गया और मेरे बड़े बड़े चूचे दिखने लगे.

मैनेजर लगभग 40 साल की उम्र के थे. उनके चेहरे पर एक मुस्कान आ गई और मुझे पानी देकर बोले- तुम रिलैक्स होकर बैठो.

मैंने जानबूझ कर दुपट्टा सही नहीं किया और अपने मम्मों का क्लीवेज दिखाती रही. मैनेजर की नजर मेरी छाती पर ही टिकी रही.

वो बोले- क्या नाम है तुम्हारा?
मैंने कहा- प्रिया.
वो बोले- क्या करती हो?
मैंने कहा- मैं बीए कर रही हूँ.

उन्होंने मुझसे समस्या पूछी, तो मैंने उन्हें अपनी बात बतायी.

उन्होंने मेरा काम तुरंत कर दिया और बोले- तुम्हें कोई भी काम हुआ करे, तो तुम सीधे मेरे पास आ जाया करो.
मैंने हंस कर कहा- तो क्या हर बार मुझे जल्दी काम निकलवाने के लिए क्लीवेज दिखाना पड़ेगा?
इस पर वो हंसने लगे और बोले- जितना दिखाओगी … उतना ज्यादा जल्दी काम हो जाएगा.

फिर उसके बाद से मैं उनके पास ही जाकर सब काम करवा लेती थी. एक बार मुझे कुछ काम था, तो मैं बैंक में गई और सीधे मैनेजर के केबिन में चली गई. मैंने देखा कि मैनेजर कोई लिस्ट लिए थे.

मैंने कहा- सर ये कैसी लिस्ट है?
तो बोले- नये पियून की भर्ती हो रही है. मेरे पास कई लोग सिफारिश लाये हैं, ये उसी की लिस्ट है.
मैंने कहा- तो प्लीज मुझे भी भर्ती करवा लीजिये.

इस पर मैनेजर हंस के बोले- अरे ये इतना आसान नहीं है. इसके लिए सबसे 2 लाख रुपये लेंगे, जो देगा उसकी नौकरी पक्की.
मैं मायूस हो गई, तो मैनेजर बोले- तुम भी 2 लाख ला कर दे दो, तो तुमको नौकरी मिल जाएगी.
मैंने कहा- मेरे पास 2 लाख होते, तो आपको आज ही दे देती.
मैनेजर बोले- फिर नहीं मिलेगी नौकरी.

मैंने कहा- और कोई तरीका नहीं है क्या?
वो बोले- नहीं.. कम से कम 2 लाख रुपये ही लगेंगे.
मैंने कहा- मैं रुपये नहीं दे पाऊंगी, पर और बहुत कुछ कर सकती हूँ. नजारा तो आप देख भी चुके हैं.

इस बात पर मैनेजर की आंखों में भूखे भेड़िये सी चमक आ गई. वो मेरे दूध देखते हुए बोले- क्या क्या कर सकती हो?
मैंने भी अपनी चूचियां उठाते हुए कहा- जो आप बोलोगे, सब कुछ कर दूंगी.

मैनेजर ने मुझसे मेरा मोबाइल नम्बर लिया और कहा- अगर कोई रास्ता निकला, तो तुम्हें कॉल कर देंगे.
मैं खुश हो गई और मैंने कहा- सर आप चाहें, तो टोकन के लिए अभी कुछ कर सकते हैं.

वो मुझे अपने साथ टॉयलेट ले गए और मेरी टी-शर्ट को ऊपर करके मेरी ब्रा को ऊपर खिसका दिया.
मैनेजर बोले- तेरे चूचे तो बहुत बड़े हैं … कितनों से दबवाये हैं?
मैंने कहा- सर मैं वर्जिन हूँ लेकिन छोटे से ही रोज तेल से चूचियों की मालिश करती हूँ, तभी इतने बड़े हो गए हैं.
मैनेजर बोले- अभी चुदायी का टाईम नहीं है. तू जल्दी से लंड चूस कर मजा दे दे.

मुझे लंड चूसना आदि कुछ आता नहीं था इसलिए मैं सही से लंड चूस नहीं पा रही थी. जबकि वो मेरे बाल पकड़कर जोर जोर से मेरे मुँह में लंड डाल कर मेरे मुँह की चुदायी करने लगे.

उनके बड़े लंड से मेरी तो जैसे साँस ही रुक गई … इतना मोटा और लम्बा लंड था कि मुझे कुछ समझ ही नहीं आ रहा था. लगभग 5-6 मिनट के बाद मुझे अपने गले से कुछ गरम गरम महसूस हुआ. मैंने मुँह से लंड हटाना चाहा.

मैनेजर बोले- मलाई है .. पी जा.

लेकिन मुझे उल्टी सी आने लगी. मैनेजर लंड अड़ाए हुए बोले- जॉब चाहिये तो पी जा साली.
मैं मैनेजर का मुठ पी गई.
फिर हम दोनों केबिन में वापस आ गए.

मैनेजर बोले- ये तो बस ट्रेलर हुआ, अगर कुछ जुगाड़ बना, तो बहुत कुछ करना पड़ेगा.
मैं बोली- मैं सब कर लूंगी.
फिर मैं घर वापस आ गई.

चार दिन बाद मैं वापस कॉलेज के लिए सिटी चली गई. मैंने सोची कि शायद कोई कॉल नहीं आएगा.

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