बहन के बेटे को सेक्स ज्ञान

फिर वो उठते हुए मुझे बोला, “मौसी यह तो गलत बात है, आपने तो मेरा सब कुछ देख लिया, लेकिन मैने तो आपको अब तक अच्छी तरह से देखा भी नही।”

मै भी अनजान बनते हुए उससे बोली, “रोज ही तो तू मुझे देखता है, और अब क्या देखना बाकी है।”

तो वो हंस दिया और बोला, “आपने मुझे बिना कपडों के देख लिया है, तो मुझे भी आपको बिना कपड़ों के देखना है।”

उसके इतना सीधे तरीके से कहने पर मै क्या करूं, मुझे समझ नही आ रहा था। तो मै बस चुप रही, फिर रोहन खुद ही मेरी तरफ बढने लगा।

आगे बढकर उसने मुझे पकडकर वहीं पास में बिस्तर पर बिठा दिया। बिस्तर पर बैठते ही उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया, और अब जोर से हग करने लगा। इससे मेरी चुचियां उसकी छाती में गडने लगी थी। मै भी मन ही मन यही चाहती थी, तो मैंने भी उसे रोकना ठीक नही समझा।

वह मस्त होकर अब मेरे पूरे बदन का जायजा ले रहा था।
फिर उसने मेरे आगे आते हुए मेरे गालों पर एप्ने होंठ रखकर चूमने लगा। मेरे गालों से होते हुए वो धीरे धीरे होठों पर भी आ गया। जैसे ही उसने मेरे होठों पर चूमना शुरू कर दिया, वैसे ही उसका एक हाथ मेरी दाईं चूची पर आ गया।

वो चूमने के साथ साथ मेरी चुचियां भी मसलने लगा। लेकिन वो बहुत ही बेदर्दी के साथ मेरी चुचियां मसलते जा रहा था। उसको मुझ पर थोडा सा भी रहम नही आ रहा था। मुझे बहुत दर्द होने लगा तो मैने उससे कहा, “आराम से कर, मै कहीं भागे थोडी जा रही हूं। इतने जोर से मसल रहा है, कि अब दर्द होने लगा है।”

जैसे ही मैने यह कहा, उसने अपने हाथ मेरे उरोजों से निकाल लिए, और अब अपना मुंह मेरी नाइटी के ऊपर से ही चूचियों पर लगा दिया। और कुछ इस तरह से वो मेरी चुचियां चूसने लगा जैसे अभी उनमें से दूध ही निकल आएगा।

वो तो वैसे भी पहले से ही नंगा था, अब उसका लंड एप्ने पूरे जोश में आ चुका था। मैने पहली बार उसके लंड को हाथ लगाकर देखा। फिर उसे धीरे से सहलाकर मुठियाने लगी। अब उसको भी मजा आने लगा था, तप मैने अपनी नाइटी निकाल दी, और अपनी एक चूची को पकडकर उसके मुंह मे ठूंस दिया।

मैने बस अपनी एक ही चूची को ब्रा से बाहर निकाला था, तो उसने मेरे ब्रा को भी निकालकर अलग कर दिया। मैने भी उसका साथ देते हुए नीचे मुंह ले जाकर उसके लंड को चूम लिया। फिर उसने मेरे मुंह मे अपना लंड डालकर मेरे मुंह को चोदने लगा।

कुछ देर ऐसे ही करने के बाद उसने मुझे सीधी लिटाया और बिस्तर पर मेरी कमर के नीचे एक तकिया रख दिया। फिर उसने मेरी पैंटी को भी एक झटके में ही मेरे शरीर से अलग करते हुए निकाल दिया।

अब हम दोनों ही एक दूसरे के सामने नंगे थे, शायद उससे अपने आप को रोक पाना असंभव था। तो उसने जल्द से एप्ने लंड को पकडकर मेरी चुत पर रख दिया। फिर मैने उसके लंड को सही जगह पर रखकर नीचे से अपनी कमर उचका दी। पहले ही झटके में उसका आधा लंड मेरी चुत निगल चुकी थी।

उसने भी अब बिना रुके धक्के लगाना शुरू कर दिया जिस वजह से हमारी धकमपेल चुदाई शुरू हो गई। वुसने बस दो-तीन ही धक्के मारे थे, कि वो झड गया। उसे इतना भी नही समझ आया कि वो अपना वीर्य कहाँ पर निकाले, और इसी चक्कर मे उसने मेरी चुत में ही अपना वीर्य गिरा दिया।

आपको मेरी कहानी कैसी लगी, हमे कमेंट करके बताइए। धन्यवाद।

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