अठरह बरस की शोला जवानी

सभी अन्तर्वासना की सेक्स स्टोरी पढ़ने वालों को मेरा प्रणाम. इस वक़्त मेरी उम्र 24 साल की है … मैं शादीशुदा हूँ. मैं 5 फुट 4 इंच लंबी यौवन से मालामाल एक खूबसूरत औरत हूँ. मैं बहुत सालों से अन्तर्वासना के साथ जुड़ी हूँ …. और इसमें प्रकाशित होने वाली हर कहानी का पूरा लुत्फ उठाती हूँ.

मेरे पति का स्पेयर पार्ट्स का और साथ प्रोपेर्टी डीलिंग का काम है. मैं भी अपना पार्लर चलाती हूँ. मैंने सोचा क्यों न अपनी ज़िंदगी के कुछ हसीन पलों को आपके सामने लाऊं.

यह स्कूल के समय की ही घटना है. उस वक्त मुझपे जवानी समय से पहले ही चढ़ने लगी थी. उसका एक बड़ा कारण था मेरी संगत. स्कूल से ही उन लड़कियों के साथ मेरी दोस्ती थी, जो मुझसे बड़े घर से थीं.

अक्सर स्कूल में वो अपने आशिकों के ज़रिए गंदी मैगज़ीन लातीं और देखती रहतीं. जब मैं बारहवीं में थी, तब बोर्ड की क्लास थी. अपनी सहेली पिंकी के घर हम तीनों सहेलियां में पिंकी और रिचा पढ़ाई के लिए एक रात रुकीं. वो दोनों उन दिनों अपने आशिकों के साथ चुदाई का सुख भोग चुकी थीं. मैं घर वालों के डर से लड़कों के चक्कर में पड़ने से डरती थी. हालांकि बहुत लड़के मुझ पर लट्टू थे और मेरी शोला बन चुकी जवानी के रस को निचोड़ना चाहते थे. मैं अपने घर बाथरूम में अक्सर अपनी नंगी जवानी देख, अपने स्तनों को दबाती सहलाती रोंएदार चूत के गुलाबी होंठों को छेड़ लेती. अपनी उंगली साबुन से चिकनी करके अपनी चूत में हल्के हाथ से डालने की कोशिश करती औऱ दाने को रगड़ कर मजा ले लेती.

उस रात जब पिंकी के घरवाले सो गए, तो उसने दरवाज़ा बंद करके बुक से एक सीडी निकाली. उसे सीडी प्लेयर में लगा कर चलाया. वो सीडी एक ब्लूफिल्म की थी. मैं पहली बार ब्लू फिल्म देख रही थी. मैं नज़र गड़ाए उसको ही देख रही थी. बड़े बड़े लंड और नंगी गोरियां बेशर्म होकर अपनी जवानी का लुत्फ उठा लंड चूस रही थीं.

तभी रिचा ने मुझे बांहों में भर लिया, पिंकी ने अपना टॉप उतार फेंका. हम तीनों एक दूसरे से लिपट गईं. उन दोनों ने मेरे कपड़े उतार दिए और पिंकी ने मेरे स्तन चूसने लगी. रिचा मेरी कुंवारी चूत को चूमने लगी. जब मैंने उनकी चूत देखी तो उनकी फांकें थोड़ी खुल चुकी थीं.

पिंकी बोली- कनिका, तेरी फिगर तो बहुत ज़बरदस्त है.
मैं- कैसे?
उसने मुझसे कहा- तेरी जवानी तो शोला बन चुकी है. तुम यौवन का पौधा बन चुकी हो, तुझे भी अब माली की ज़रूरत है … जो तेरे इस पौधे को पानी दे. इससे तेरे पौधे का फल और रसीला हो जाएगा.
मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था.

उसने मुझसे कहा- हम इसी लिए इकठ्ठी हुई हैं ताकि तुझे जवानी के असली सुख और असली मज़े को दिखा सकें.
उसने मुझे एक पत्र दिया. ये एक प्रेम पत्र था. उसने बताया कि यह पत्र +2 के लड़के देवेंद्र ने तेरे लिए लिखा है.
मैंने उसको देखा तो उस पत्र में उसने प्रेम का इज़हार किया था और अपना फोन नंबर लिखा था. मैं देवेंद्र को जानती थी, वो अक्सर मुझे देखा करता था.

उस रात हम तीनों ने एक दूसरे को खूब चूसा. अगले दिन जब वहां से स्कूल गई तो देवेंद्र रास्ते में खड़ा मिला. आज मैंने भी उसको ठीक से देखा. वो बहुत हैंडसम लड़का था. आज मैं उसको देख मुस्कुरा निकल गई. एक खाली पीरियड में मैं, पिंकी और रिचा ग्राउंड के कोने में बैठी थीं, तभी देवेंद्र भी आ गया.

वो दोनों साइड में चली गईं, तो देवेंद्र बोला- फिर क्या सोचा आपने?
मैंने पूछा- किसके बारे में?
वो बोला- मेरे प्यार के बारे में!
उसने मेरे हाथ पे अपना हाथ रख दिया और बोला- आई लव यू!
मैंने कहा- हाथ हटाओ … कोई देख लेगा.
वो बोला- तो जवाब दे दे … मैं जाऊं.
मेरे मुँह से निकल गया- आई लव यू टू.
वो मुस्करा कर बोला- आज कॉल करना.

मुझे भी अन्दर तक सनसनी दौड़ गई थी. जिन्दगी में किसी लड़के से प्यार का इजहार हुआ था.
शाम को घर में कोई नहीं था, मौका देख कर मैंने उसको फ़ोन किया और ऐसे हम रोज़ बात करने लगे.

एक दिन उसने मुझसे कहा- कल स्कूल मत जाना और पिंकी के साथ आ जाना. मुझसे रहा नहीं जाता कनु!

इधर मेरी शोला बन चुकी जवानी में भी आग लगी पड़ी थी, दिल चाहता था कि देवेंद्र मेरी इस आग को ठंडी कर दे. पिंकी का आशिक और देवेंद्र आपस में दोस्त थे. मैंने पिंकी को फोन किया तो वो बोली- हां मुझे मालूम, हमें कहाँ चलना है.
मैं पूछा- बता तो दे ना … क्या होगा?
पिंकी बोली- उधर चल कर सब मालूम हो जाएगा, बस तू अपने नीचे के सब बाल वगैरह साफ कर लेना, पहली बार आशिक से मिलोगी.

मैं समझ गई कि माली पौधे में पानी देगा. उसी रात को ही क्रीम से मैंने अपनी सील पैक चूत को चिकनी किया और अगले दिन स्कूल ड्रेस में ही स्कूल निकली.
पिंकी ने मुझसे कहा था कि मोड़ वाले साइबर कैफे के पास खड़ी मिलना.

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