अन्तर्वासना से बना दोस्त मेरे घर आ पहुंचा

नमस्ते दोस्तो, मैं बैडमैन, याद तो होऊंगा ही, बिलकिस बानो जो हमारे साथ थी उसकी आईडी ब्लॉक हो गयी है उसके लिए कहानी मैं भेज रहा हूँ. आनंद लीजिए।

सलाम वालेकुम दोस्तो, मैं बिलकिस बानो, आपको तो याद ही होऊँगी, पहले भी मेरी कई कहानियाँ
जैसे
मेरे घर में सेक्स का नंगा नाच
अब्बू के बाद भाई जान ने बहन को चोदा
आयी और आप लोगों के बहुत सारे मेल भी आए. पर एक बंदा ऐसा भी निकला जिसका मेल तो पहुंचा ही, पर वो खुद भी पहुँच गया. उसका नाम है उसका बैड मैन … जी हाँ सही सुना आपने बैड मैन!
खैर उसका सही नाम जान कर क्या करना है.

तो दोस्तो, बात ऐसी है कि पिछली कहानी में आपने पढ़ा था कि मेरे घर में सामूहिक चुदाई का हंगामा मचा हुआ था और मेरे घर के सभी लोग नंगे एक साथ एक ही पलंग में सोये हुए थे. घर का दरवाजा शायद खुला हुआ था और तभी कोई अनजान आदमी घर में घुस गया था और हम लोगों को ऐसी हालत में देख लिया था.

मेरी नींद खुली तो मैंने देखा कोई अनजान आदमी घर के दरवाजे में खड़ा है और हम सबको आश्चर्यचकित नज़र से देख रहा था.
मैं उठ कर वैसे ही नंगी उसके पास जाकर बोली- क्या देख रहा है हरामी? कभी नंगी लड़की नहीं देखी क्या? और चाहिए क्या है तुझे? किसी के घर में ऐसे ही घुसा चला आ रहा है?

शायद वो मुझे जानता था इसलिए इतने आराम से बात कर रहा था. मेरे पूछने पर उसने जेब से मोबाइल निकला और मेरी एक तस्वीर खींच ली, मेरे चुचे दबाए और हाथ से मोबाइल लेकर मेरा नम्बर अपने मोबाइल में ले लिया और धीरे से कान में बोला- दोपहर में चार बजे कॉल करूँगा।
फिर उसने मेरे अब्बा से मिलने के लिए पूछा- क्या ये उन्ही की दुकान है, मुझे एक लहंगे में कारीगरी करवाना है.
मैंने उसे फटकारते हुए कहा- कैसे मुँह उठा के चले आते हो सुबह सुबह?
तो उसने कहा- किस दुनिया में हैं मोहतरमा? दोपहर के बारह बज चुके हैं, दो घंटे से दुकान खुलने का इंतजार कर रहा हूँ.

मैं भाग के अंदर गयी, कपड़े पहने और उसे दुकान में बैठा कर अब्बा अम्मी को जगाने चली गयी. एक बजे अब्बा ने नाश्ता करके दुकान खोली और उस लड़के से मिले.
मुझे उस लड़के में रस आने लगा था, बार बार दुकान की तरफ जाती और उसे देखने लगती।

वो आराम से अब्बा को ‘क्या काम चाहिए’ समझा रहा था

फिर मैं अपने अन्तर्वासना वाले दोस्त से हैंगऑउट में चैट करने लगी.
बैडमैन- बिना कपड़ों के बड़ी सुन्दर दिखती हो.
मैं- धन्यवाद! तुम कहाँ देखा मुझे?
बैडमैन- तुमने ही तो अपनी फोटो दी है.
मैं- कौन सी फोटो दी है मैंने?

तो उसने सुबह वाली फोटो मेरे को भेजी। मैं देख कर शरमा भी गयी और गुस्सा भी आया कि वो मेरे ही घर में था और मुझे पता भी नहीं चला. मैं दौड़ के अम्मी के पास गयी और उनको बताया तो वो खुश हो कर बोली- जा अंदर बुला ला, चाय नाश्ता करा!
मैंने उसे अंदर बुलाया और अब्बू को हिंट कर दिया की यह वही नेट वाला फ्रेंड है. तो अब्बू ने भी धीरे से कातिलाना मुस्कान दे कर उसे अंदर भेज दिया।

अंदर लाकर मैंने उस पर खूब गुस्सा किया- सुबह से आये हो, बताया क्यों नहीं?
तो उसने बोला- अगर पहले से बता देता तो ये ख़ुशी देखने को कैसे मिलती?
फिर मैं उसे अपने कमरे में ले गयी और अम्मी को नाश्ता वहीं लगाने को बोल दिया और उससे पूछा- लस्सी पियोगे या दूध?
तो उसने मेरे दूध और चूत को दबाते हुए बोला- मैं तो दोनों पीने आया हूँ, लहंगा तो बहाना है, मुझे तो तुमको चोदने का मन कर रहा है इसलिए आया हूँ.

यह सुन कर मैं उसकी गोद में जाकर बैठ गयी और बैडमैन को किस करने लगी, वो भी मेरे कुर्ते में हाथ डाल कर मेरी पीठ सहला रहा था.
इधर कमरे में नाश्ता ले कर अम्मी की जगह भाभी आ गयी और चीखते हुए अम्मी को आवाज़ लगा के बोली- अम्मी, देखो बानो घर में क्या कर रही है.
मैं हड़बड़ा कर उठी तो देखा भाभी थी, भाभी से पूछा- तुम कब आयी?
तभी अम्मी आ गयी और भाभी बोली- अभी आयी हूँ पांच मिनट पहले! तेरे भाई जान छोड़ कर काम पर गए हैं. देखो अम्मी, घर में किसके साथ चिपकी हुई है.

अम्मी चाय नाश्ता बिस्तर में रख कर भाभी को बाहर ले गयी और कहा- तू चल, मुझे मालूम है क्या हो रहा है.
और पिछले महीने भर की दास्ताँ उसे बता दी.

उधर अब्बू लहंगे में खुद कारीगरी में लग गए, अम्मी और भाभी किचन में जाकर खाना बनाने लगी.
मै बैडमैन को नाश्ता करा कर फिर से उसके साथ गोद में बैठ गयी और लिपटकर उसे किश करने लगी. बैडमैन मेरे कपड़े उतारने लगा, मैं भी उसके शर्ट की बटन खोल के उसके कपड़े उतारने लगी. और वो मुझे किश करने लगा.

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