मुझे मिला मेरे भाई का नया लंड

अब अजय ने मुझे बेड पर सीधा लिटा और मेरे टांगों के बीच आ गया।
मैं- अजय मुझे जोर से चोदो आज, अपनी बहन की चुदायी करना चाहते हो ना?
अजय- हां दी, मैं तो आपको रात में ही चोदना चाहता था पर आप होश में नहीं थी।
मैं- तो जगा कर चोद देते मेरे राजा, मेरी चूत तो लंड की प्यासी रहती है हमेशा।

अजय- दीदी और आप लंड की प्यासी नहीं हो?
मैं अजय का लंड अपनी तरफ खींचती हुई- मैं तो हमेशा रहती हूँ।

अब मेरा भाई मेरे चुचियों पर बैठ गया और अपनी बहन के मुँह में लंड डाल कर चुसवाने लगा।
अजय- आहह आहह दीदी, आप बहुत अच्छा लंड चूसती हो। राहुल जीजू ने सिखाया है?

मैं मन में सोच रही थी इसको पूरी सचाई बताने की जरूरत नहीं है। इसी बहाने से अब राहुल को अपने घर बुला सकती हूँ इसलिये मैंने हां में सर हिला दिया।
अजय- दी, क्या आपके मुँह को चोद सकता हूँ?
मैंने मुंह से लंड बाहर निकल कर बोला- जो मन हो वो करना बिना कुछ पूछे।

अब अजय मेरे मुँह को जोर जोर से चोदने लगा, उसका लंड मेरे गले में जाने लगा… मैं गुं गुं गुं गुं करते हुए अपने भाई का लंड चूस रही थी।

अजय मेरी टांगों के बीच आ गया और मेरे मुँह में अपनी जीभ डाल कर मेरी चूत पर लंड रख दिया- नेहा दीदी, आप बहुत मस्त माल हो।
मैं- दीदी को माल बना दिया चोदने के लिये।
अजय मेरी चूत में लंड धीरे धीरे घुसाते हुए बोला- मैं तो अपको जोर जोर से चोदना चाहता हूँ। आपका जिस्म सबका लंड खड़ा कर देता होगा।
मैं- आअह्ह आहह… लंड को जोर से घुसा दे।
अजय- लो मेरी जान!
और एक झटके में पूरा लंड अन्दर घुसा दिया।

मैं- आअह्ह मम्मी… मर गयी… उम्म्ह… अहह… हय… याह…
अजय का लंड काफी लम्बा था जो मेरी बच्चेदानी से सीधा टकरा गया और मेरी चूत को अन्दर तक खोल दिया।

अब अजय मेरी चूत में लंड डाल कर मुझसे बात करने लगा- दीदी, आपकी चूत बहुत टाइट है। राहुल जीजू चोदते नहीं हैं क्या?
मैं- चोदते हैं… पर उनका तेरे जितना लम्बा नहीं है। हां पर मोटा बहुत है।
अजय- तो कल रात में चोदा था जीजू ने आपको?
मैं- नहीं।

अब मैं कमर हिलाने लगी जिससे अजय समझ गया और मुझे चोदने लगा।
अजय- इसी लिये आप इतना तड़प रही थी?
मैं- हां, राहुल तो बस छूकर और लंड चुसवा कर चला गया।

अजय को जब पता चला मैं लंड बहुत चूसती हूँ तो उसका जोश और बढ़ गया, वो मुझे तेजी से चोदने लगा।
मैं- आअह्ह आह्ह्ह जोर से अजय और जोर से… आह्ह्ह चोदो मुझे! आहह आह्ह्ह मेरी चूत को फाड़ दो मेरे भाई! आह्ह्ह आअह्ह!
अजय- लो दीदी, और तेज… और तेज… आपकी वो बहुत अच्छी है दीदी… आपका मुँह और भी मस्त है। रोज मुँह में लंड लेकर रहोगी ना?
मैं- आह्ह्ह आअह्ह्ह… जोर से चोदो मेरे भाई। रोज मुझसे अपना लंड चुसवाना और मुझे चोदना। मेरी चूत को मजा आ रहा है।

अजय- आहह आहह मेरी बहन की वो बहुत टाइट है।
मुझे अजय की इस बात पर हंसी आ गयी। बहन ‘चूत’ बोल रही है और भाई ‘वो’ बोल रहा है। मुझे लगा अजय को सेक्स में थोड़ा सा खोलना पड़ेगा। इसलिये मैंने अजय के होंठों को अपने मुँह में ले लिया और नीचे से गांड उछाल उछाल कर चुदवाने लगी।

मैं- जोर से चोदो अपनी बहन को… अपनी बहन की वो फाड़ना चाहते हो ना?
अजय- हां दी दी… आज आपको चोद चोद कर फ़ाड़ दूंगा आपकी वो।
मैं- क्या फाड़ोगे मेरी?
अजय- दीदी आपकी चूत फाड़ दूंगा। आपकी चूत को खूब चोदूँगा.
मैं- आह आह फ़ाड़ दो मेरे भाई। मेरी चूत को फाड़ो।

अब अजय मुझे जोर जोर से चोद रहा था, मैं टांगों को हवा में उठा कर अपने भाई का लंड ले रही थी।
मुझे अच्छा लगा मेरा भाई जवान हो गया है और अपनी बहन को चोद रहा है। यह सोच कर मैं झड़ गयी और मेरी चूत की गर्मी से अजय ने भी पानी छोड़ दिया।

अब अजय मेरे नंगे जिस्म पर लेटा हुआ था, मैं उसको बांहों में लेकर सहला रही थी।
अजय- दीदी आप बहुत अच्छी हो।
मैं- तुम भी मेरे भाई।
अब अजय उठ कर बाथरूम में गया और फिर लंड धो कर चड्डी पहन लिया।
मैंने एक ट्रान्स्परेन्ट नाईटी पहन ली जिससे मुझे देख कर अजय हर वक्त मुझे चोदना चाहे।

अब हम दोनों ने साथ में खाना बनाया।

उसके बाद की बात अपनी अगली कहानी में लिखूँगी.

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